मध्यप्रदेश के किसान आंदोलन ने भाजपा शासित सरकारों को किसान हितैषी कदम उठाने को मजबूर कर दिया है। महाराष्ट्र सरकार के जरिए कर्ज माफी का कदम उठाने के अगले दिन भाजपा शासित राज्य झारखंड ने भी किसानों के हित में बडा फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री रघुवर दाश ने अपने प्रदेश के किसानों को 1 प्रतिशत के ब्याज दर पर कृषि ऋण मुहैया कराने का निर्णय लिया है। सबसे पहले यूपी की योगी सरकार ने किसानों का कर्ज माफ करने का कदम उठाया।
अब पार्टी शासित अन्य राज्य भी इस दिशा में आगे बढ रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि मध्य प्रदेश के किसान आंदोलन के सियासी प्रभाव को देखते हुए भाजपा आलाकमान ने पार्टी शासित सभी राज्यों को कहा है कि वे किसानों के प्रति सहानभूति का रवैया अपनाएं। उनसे किसान हितैषी कदम उठाने को कहा गया है। भाजपा नहीं चाहती है कि पीएम मोदी की बनी किसान हितैषी छवि को कहीं से आंच आए।
झारखंड के किसानों को कुछ ऐसे मिलेगा 1 प्रतिशत ब्याज पर कर्ज
झारखंड के किसानों को 1 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मुहैया कराने के लिए मुख्यमंत्री रघुवर दाश ने जो कदम उठाया है। उसमें उन्हीं किसानों को लाभ होगा जोकि एक साल के अंदर अपना कर्ज अदा कर देंगे। ये सस्ता ऋण किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए लोन लेने वाले किसानों को ही मिल सकेगा।
किसानों को 1 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार ने 40 करोड रूपए का बजट प्रावधान किया है। वर्तमान में किसानों को 7 प्रतिशत दर से कृषि ऋण पर ब्याज लगता है। लेकिन केंद्र सरकार की व्यवस्था के वजह से एक साल के अंदर ब्याज चुकता करने वाले किसानों का 3 प्रतिशत ब्याज माफ कर हो जाता है।
अब केंद्र के साथ राज्य सरकार ने भी 3 प्रतिशत ब्याज माफ कर देने का निर्णय लिया है। जिसके वजह से किसानों को ऋण का ब्याज महज 1 प्रतिशत ही पडेगा। इस राशि के लिए बैंको को क्लेम करना होगा। क्लेम के विरूद्ध ही बैंको को पैसा लौटाया जाएगा।