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सख्ती: अब फिल्मों में नशे के खिलाफ तीन वीडियो दिखाना हुआ अनिवार्य; नए नियम सभी तरह की फिल्मों पर होंगे लागू

Fri, 20 Sep 2024 04:26 AM IST
शिव शुक्ला परीक्षित निर्भय

सार

फिल्म के साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म को भी तंबाकू उत्पादों के खिलाफ दायरे में लाने के लिए सरकार ने मई 2023 में प्रयास शुरू किए। इसके लिए गठित समिति से सिफारिश लेने के बाद मंत्रालय ने पुराने अधिनियम में संशोधन का फैसला लिया।
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जन स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों से निपटने के लिए उठाया गया कदम (सांकेतिक) - फोटो : iStock
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विस्तार
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अब एक साल पुरानी फिल्मों में भी तंबाकू उत्पादों के दुष्प्रभावों वाले वीडियो दिखाने अनिवार्य होंगे। पूरी फिल्म में करीब तीन जगह कुल 80 सेकंड के वीडियो दर्शकों को बीड़ी, सिगरेट या तंबाकू के इस्तेमाल से होने वाले जानलेवा नुकसानों के बारे में बताएंगे। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से प्रमाणित और गैर प्रमाणित दोनों तरह की फिल्मों पर लागू होंगे।

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फिल्म के साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म को भी तंबाकू उत्पादों के खिलाफ दायरे में लाने के लिए सरकार ने मई 2023 में प्रयास शुरू किए। इसके लिए गठित समिति से सिफारिश लेने के बाद मंत्रालय ने पुराने अधिनियम में संशोधन का फैसला लिया। सरकार का कहना है कि नए नियमों के तहत वेब सीरीज को भी नियंत्रण दायरे में लाया गया है। किसी भी तरह की फिल्म की शुरुआत और बीच में कम से कम 30-30 सेकंड के चेतावनी वीडियो प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा फिल्म में जहां-जहां तंबाकू उत्पादों के इस्तेमाल का दृश्य आएगा, उसके नीचे चेतावनी लिखी होनी चाहिए। इसी तरह एक 20 सेकंड का वीडियो दिखाया जाएगा, जो चाहकर भी स्किप नहीं होगा।

छह माह का दिया वक्त
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अधिसूचना जारी की गई है, जिसमें आगामी 30 दिन तक आपत्ति व सुझाव मांगे गए हैं। साथ ही अधिसूचना जारी होने के छह माह तक फिल्म निर्माताओं को संशोधन का वक्त दिया है। भारत सरकार के अपर सचिव वी. हेकाली झिमोमी ने अधिसूचना में कहा कि तंबाकू उत्पादों को लेकर नए नियम 1 सितंबर, 2023 या उसके बाद रिलीज फिल्म और वेब सीरीज पर लागू होंगे। इसमें विदेशी मूल की फिल्में और वेब सीरिज भी शामिल हैं।
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नशे की चपेट में बच्चे व किशोर
साल 2023 में जारी टैंक थिंक चेंज फोरम की आइडियाज फॉर एन एडिक्शन-फ्री इंडिया नामक रिपोर्ट में सामने आया कि वेब सीरीज, फिल्म और विज्ञापनों के जरिये ई सिगरेट व ऐसा ही चलता रहा तो अगले 10 साल में नशे की चपेट में आने वाले 10 से 17 साल के किशोरों की संख्या कई गुना बढ़ सकती है।
 
भारत में तंबाकू का यह असर
दुनियाभर में तंबाकू से हर साल लगभग 80 लाख लोगों की मौत हो रही है। इनमें करीब 13.50 लाख मौतें भारत में हो रही हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि भारत तंबाकू का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता व उत्पादक देश है।

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