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अनुच्छेद 370 के बदले अब अनुच्छेद 35ए के खिलाफ मुहिम की तैयारी

Fri, 07 Oct 2016 11:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट
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कश्मीर समस्या के लिए अब तक अनुच्छेद 370 को जिम्मेदार ठहराया जाता है। अब इसकी जगह अनुच्छेद 35ए के खिलाफ अभियान छेडने की तैयारी शुरू हो गई है। वसुंधैव कुटंबकम फाउंडेशन की ओर से छेड़ी गई इस मुहिम के तहत सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अनुच्छेद 35ए को असंवैधानिक करार दिया गया है। शुक्रवार को फाउंडेशन की ओर से आयोजित गोलमेज सम्मेलन में चर्चित वक्ताओं ने अनुच्छेद 35 ए को न सिर्फ कश्मीर समस्या की जड़ बताया, बल्कि यह भी कहा कि इसी के कारण राज्य में पलायन कर आई 4 लाख लोगों की तीसरी पीढ़ी देश का नागरिक तक नहीं बन पाई। जबकि अन्य राज्यों में आए ऐसे लोगों को प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री तक बनने का अवसर मिला।
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कश्मीरी कार्यकर्ता सुशील पंडित ने कहा कि अनुच्छेद 370 जैसी व्यवस्था जम्मू-कश्मीर ही नहीं नगालैंड, हिमाचल प्रदेश जैसे कई राज्यों में लागू है। समस्या अनुच्छेद 35ए है जिसे प्रथम राष्ट्रपति ने कार्यकारी आदेश केजरिए संविधान में शामिल कर लिया। इसके लिए संसद या दूसरे राज्यों केविधानसभाओं की अनुमति लेना जरूरी नहीं समझा गया। यही अनुच्छेद है जो जम्मू-कश्मीर को भारत के अन्य राज्यों से अलग करता है। इसी के कारण पलायन कर इस राज्य में आए लोगों को नागरिकता के साथ-साथ विधानसभा चुनाव में वोट देने का अधिकार नहीं मिला। मनमोहन सिंह, इंद्रकुमार गुजराल, लालकृष्ण आडवाणी जैसे लोग अगर पलायन कर इस राज्य में जाते तो प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री नहीं बन सकते।

इसी सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठï अधिवक्ता केएन भट्ट, कैप्टन सीके टिक्कु, विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन से जुड़े पनुन कश्मीर के डॉ अजय ने अनुच्छेद 35ए के खिलाफ बड़ी मुहिम छेडने की घोषणा की। सम्मेलन में प्रस्ताव पारित कर इस अनुच्छेद के उन्मूलन के लिए व्यापक अभियान शुरू करने पर सहमति बनी।
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