दिल्ली सरकार अब समाज के हर वर्ग के छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए एक लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देगी। जय भीम प्रतिभा विकास योजना के तहत मिलने वाली यह मदद अभी तक केवल एससी/एसटी छात्रों के लिए हुआ करती थी, लेकिन बदले नियमों के तहत अब यह लाभ ओबीसी और सामान्य वर्ग के उन सभी छात्रों को भी मिलेगा जिनके परिवार की आय आठ लाख रुपये से कम होगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए छात्रों को दिल्ली में ही दसवीं और बारहवीं का छात्र होना अनिवार्य किया गया है। दिल्ली सरकार ने मंगलवार को एक बैठक के बाद यह निर्णय लिया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेस के दौरान यह जानकारी दी।
योजना के तहत दिल्ली सरकार ने विभिन्न कोचिंग संस्थाओं से टाई-अप किया है। इन संस्थाओं ने छात्रों को कम मूल्य पर कोचिंग देने पर सहमति जताई है। छात्रों के द्वारा दाखिला लेने के बाद धनराशि सीधे कोचिंग संस्थाओं के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। लेकिन जो छात्र अन्य संस्थाओं में दाखिला लेंगे, सहायता राशि सीधे छात्रों के बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सिविल सेवाओं की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक वर्ष की कोचिंग के लिए एक लाख रुपये, इंजीनियरिंग/मेडिकल की परीक्षा की तैयारी के लिए छह महीने की कोचिंग के लिए 50 हजार रुपये, ग्रुप ए और बी वर्ग की परीक्षाओं के लिए छह महीने की कोचिंग के लिए 50 हजार रुपये, सी वर्ग की परीक्षाओं के लिए चार महीने की कोचिंग के लिए 25 हजार रुपये और साक्षात्कार की तैयारी करने के लिए दस हजार रुपये की मदद दी जाएगी। कई अन्य परीक्षाओं की तैयारी में मदद देने के लिए भी योजना बनाई गई है।
इसके पूर्व यह मदद केवल एससीएसटी छात्रों के चार महीने की कोचिंग के लिए हुआ करती थी और इसके तहत 40 हजार रुपये तक की सहायता दी जाती थी। लेकिन अब यह मदद एक वर्ष की कोचिंग के लिए एक लाख रुपये तक बढ़ा दी गई है। पिछले वर्ष इस योजना से 4961 छात्र लाभान्वित हुए हैं। इनमें 3280 छात्रों ने एसएससी, 944 छात्रों ने यूपीएससी सहित अन्य परीक्षाओं के लिए मदद ली थी। इन छात्रों में से 36 छात्र जेईई और नीट परीक्षाओं में सफल भी रहे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार जय भीम प्रतिभा विकास योजना के तहत पिछले एक साल से छात्रों की मदद कर रही है। यह देखने में आया कि छात्रों ने इस योजना का लाभ उठाकर जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं को सफलता पाई। इसी को देखते हुए अन्य वर्गों के गरीब छात्रों की मदद की योजना बनाई गई है जिससे वे भी विकास कर सकें और देश की बढ़ोतरी में अपना योगदान दे सकें।