आयुर्वेद व परंपरागत पद्धति से इलाज कराने पर भी हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ मिलेगा। इस संबंध में आयुष मंत्रालय की ओर से दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बीमा के तहत 20 गंभीर बीमारियों के इलाज में कैशलेस इंश्योरेंस का लाभ मिल सकेगा। किस बीमारी में मरीज को इंश्योरेंस का कितना पैसा मिलेगा इस संबंध में भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
सर्वाइकल स्पोंडिलाइसिस, पीठ का दर्द, लकवा, रियमोटाइड ऑथराइटिस, जोड़ों के दर्द, चर्म रोग, सिर में तेज दर्द (माइग्रेन), दृष्टि दोष सहित कई अन्य बीमारियों के इलाज कराने में बीमा मददगार होगा। अलग-अलग बीमारियों पर इंश्योरेंस कवर के अलग-अलग शुल्क तय किए गए हैं। आयुष मंत्रालय का यह निर्णय मरीजों के लिए काफी लाभदायक होगा।