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सीबीआई विवाद : अब बैंक घोटाले के आरोपी से मुलाकात में फंसे एक संयुक्त निदेशक

Wed, 07 Nov 2018 01:19 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दो शीर्ष अधिकारियों के बीच मीट व्यापारी की जांच को नरम करने के आपसी आरोपों के विवाद से सीबीआई अभी तक उबर भी नहीं पाई है कि एक नया मामला सामने आ गया है। आरोप है कि सीबीआई के एक संयुक्त निदेशक ने एयरसेल के पूर्व मालिक और आईडीबीआई बैंक घोटाले के आरोपी सी. शिवशंकरन से नियम से परे जाकर मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद शिवशंकन के खिलाफ लुकआउट नोटिस नरम करते हुए उसे विदेश जाने की इजाजत मिल गई। सरकार इससे सख्त नाराज है और इस मामले की जांच भी सीवीसी को सौंप दी है।

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उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच तनातनी के चलते उन्हें छुट्टी पर भेजे जाने  से एक दिन पहले सरकार को इस प्रकरण का भी पता चला था। सरकार ने इस मामले में विजिलेंस जांच कराई तो खुलासा हुआ कि अधिकारी और शिवशंकरन के बीच सीबीआई मुख्यालय के बाहर भी मुलाकात हुई है। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है और अधिकारी के नाम का भी खुलासा नहीं किया जा रहा है। शिवशंकरन आईडीबीआई बैंक के 600 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोपी हैं। इनके साथ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कई सीएमडी और एमडी भी आरोपी हैं। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई मुख्यालय में शिवशंकर और संयुक्त निदेशक की मुलाकात की सीसीटीवी फुटेज से यह मामला पुख्ता हो गया है। सूत्रों ने बताया कि यह संयुक्त निदेशक वर्मा और अस्थाना के बीच लड़ाई में भी अहम किरदार की भूमिका निभा रहे हैं। 

सीवीसी 12 नवंबर तक सुप्रीम कोर्ट को बंद लिफाफे में सौंपेगी वर्मा-अस्थाना की जांच रिपोर्ट

अधिकारों से वंचित कर छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने अपना पक्ष रख दिया है। वर्मा ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) में अपने खिलाफ चल रही जांच से संबंधित सवालों के जवाब सोमवार को ई-मेल के जरिए भेज दिए। उधर, वर्मा के साथ ही छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना भी सीवीसी के समक्ष पेश हो गए हैं। अस्थाना से सीवीसी ने कुछ सवालों का जवाब मांगा था। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई के इन दो शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ चल रही सीवीसी की जांच लगभग पूरी हो चुकी है।
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इसकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एके पटनायक कर रहे हैं। सीवीसी 12 नवंबर तक अपनी रिपोर्ट बंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंप देगा। बता दें कि वर्मा और अस्थाना ने एक-दूसरे पर मीट व्यापारी और दलाल मोइन कुरैशी की जांच के मामले में करोड़ों रुपये की घूसखोरी का आरोप लगाया हुआ है। 

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