फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Supermoon: आसमान में दिख रहा साल का सबसे बड़ा चांद, जानें क्यों खास होता है नवंबर का सुपरमून

Wed, 05 Nov 2025 10:32 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आज चांद धरती के सबसे नजदीक है। जिसके चलते वह रोज की अपेक्षा अधिक बड़ा और चमकीला नजर आ रहा है। इस घटना को सुपरमून कहा जाता है। वैज्ञानिक भाषा में इसे पेरिजी फुल मून कहा जाता है, लेकिन हर सुपरमून एक जैसा नहीं होता।
विज्ञापन
दुनिया के अलग-अलग कोनों में सुपरमून का नजारा। - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आज आसमान का नजारा बेहद ही खास है। बुधवार को आकाश में सबसे बड़ा चांद यानी सुपरमून दिखाई दे रहा है, जिसे बीवर मून भी कहा जाता है। यह 2025 में तीन सुपरमून में से दूसरा और इस साल पृथ्वी के सबसे निकट का सुपरमून है। यह सुपरमून सामान्य चंद्रमा से लगभग 14 फीसदी बड़ा और 30 प्रतिशत अधिक चमकीला होता है।

विज्ञापन


नवंबर का सुपरमून पृथ्वी के सबसे निकट लगभग 3, 57,000 किलोमीटर की दूरी पर होता है, जो सामान्य पूर्णिमा से लगभग  27,000 किलोमीटर अधिक निकट है। इस निकटता के कारण चंद्रमा सामान्य से बड़ा और अधिक चमकीला दिखाई देता है, जिससे इसे "सुपरमून" कहा जाता है। आमतौर पर चंद्रमा सबसे दूर 4,05,000 किलोमीटर और सबसे करीब 3,63,104 किलोमीटर दूर होता है।
 
विज्ञापन


यह सुपरमून है बेहद खास
इस हफ्ते के पूर्णिमा का चंद्रमा न सिर्फ नजदीक होगा बल्कि यह औसत दूरी से लगभग 17,000 मील अधिक नजदीक से पृथ्वी की परिक्रमा करेगा। सुपरमून तब होता है जब चंद्रमा अपनी पूर्ण कला (पूर्णिमा) पर पहुंचता है और पृथ्वी के चारों ओर अपनी अण्डाकार कक्षा के सबसे निकटतम बिंदु पेरिजी के पास होता है। वैज्ञानिक भाषा में इसे पेरिजी फुल मून कहा जाता है, लेकिन हर सुपरमून एक जैसा नहीं होता।
 
तारों से भरा रहेगा आसमान
पूरी रात चंद्रमा चमकीले राशिचक्रीय तारामंडल वृषभ (बैल) नक्षत्र में रहेगा। इससे इसकी तेज रोशनी पास के तारों को छिपा देगी, लेकिन चांद को दूरबीन से देखने पर एल्डेबारन नाम का नारंगी-लाल तारा दिख सकता है। यह पृथ्वी से 65 प्रकाश-वर्ष दूर है और यह बैल की आंख का प्रतीक है। चांद और एल्डेबारन के बीच में है प्लीएड्स या सप्तऋषि जैसा दिखने वाला सात बहनों का झिलमिलाता तारा समूह, जो पृथ्वी से 330 प्रकाश-वर्ष दूर है। इन तीनों चांद एल्डेबारन और प्लीएड्स से बना यह त्रिकोण आसमान में रातभर दिखेगा, जो हमें याद दिलाता है कि कैसे ब्रह्मांड की लय और विज्ञान हम सबको जोड़ते हैं।  
विज्ञापन


ऐसे देखें सुपरमून
इस सुपरमून के खूबसूरत नजारे को देखने के लिए किसी खास उपकरण की जरूरत नहीं है बस आसमान की तरफ देखना ही काफी होगा, हालांकि चंद्रमा आधिकारिक तौर पर पांच नवंबर को 13:19 यूटीसी यानी भारतीय समयानुसार शाम 6:49 बजे अपनी पूरी कला में पहुंचेगा, लेकिन इसे देखने का सबसे जादुई समय चंद्रमा के पूर्वी क्षितिज से ऊपर उठने के ठीक बाद का पहला घंटा होता है। इस दौरान एक ऑप्टिकल भ्रम होता है जिसे मून इल्यूजन (भ्रम) कहा जाता है, जब चांद पेड़ों या इमारतों के पास दिखता है तो दिमाग उसे बड़ा समझता है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें