फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कर्नाटक की सियासी रस्साकशी: परमेश्वर बोले- पद की चाह गलत नहीं, 20 से अधिक कांग्रेस विधायकों के मन में क्या?

Mon, 13 Apr 2026 01:50 PM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

कर्नाटक कांग्रेस में कैबिनेट फेरबदल को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है और अब सबकी नजर पार्टी हाईकमान के फैसले पर टिकी हुई है। कई विधायक चाहते हैं कि मौजूदा सरकार में कम से कम पांच नए चेहरों को मंत्री बनाया जाए। इस वजह पार्टी में खींचतान देखने को मिल रही है।
विज्ञापन
कर्नाटक कांग्रेस में गहराया नेतृत्व विवाद - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के अंदर इन दिनों कैबिनेट फेरबदल को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी बीच कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि विधायकों का मंत्री बनने की इच्छा रखना बिल्कुल गलत नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि कई विधायक ऐसे हैं जो दो-तीन बार चुनाव जीत चुके हैं और उनके पास अनुभव भी है, इसलिए वे मंत्री पद संभालने के पूरी तरह योग्य हैं। उनके मुताबिक, अगर विधायक अपनी राजनीतिक तरक्की के लिए मंत्री बनने की इच्छा जताते हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Women Reservation Bill: '2029 तक नारी वंदन कानून लागू करने पर विपक्ष ने खास तौर से दिया जोर', बोले पीएम मोदी

दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं 20 से ज्यादा कांग्रेस विधायक
दरअसल, इन दिनों कर्नाटक के कई कांग्रेस विधायक दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं और पार्टी हाईकमान से कैबिनेट में जगह देने की मांग कर रहे हैं। इनमें वरिष्ठ और पहली बार जीतकर आए विधायक दोनों शामिल हैं। वे चाहते हैं कि मंत्रिमंडल में फेरबदल कर उन्हें भी मौका दिया जाए। गृह मंत्री परमेश्वर ने यह भी साफ किया कि कैबिनेट में बदलाव का अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व ही करता है। उन्होंने कहा कि इस पर फैसला मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, पार्टी हाईकमान और प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार मिलकर लेते हैं।
विज्ञापन


कांग्रेस में पहले से एक तय प्रक्रिया - परमेश्वर
उन्होंने बताया कि कांग्रेस में पहले से एक तय प्रक्रिया है, जिसके तहत प्रदेश अध्यक्ष, विधायक दल के नेता और पार्टी के प्रभारी मिलकर नाम तय करते हैं, फिर उसे आलाकमान के पास मंजूरी के लिए भेजा जाता है। मंजूरी मिलने के बाद ही अंतिम घोषणा होती है, और आज भी यही प्रक्रिया अपनाई जा रही है। वरिष्ठ नेताओं को हटाकर नए चेहरों को मौका देने के सवाल पर परमेश्वर ने कहा कि अगर पार्टी हाईकमान ऐसा फैसला करता है तो सभी को उसे मानना होगा। उन्होंने कहा कि चाहे वे खुद हों या अन्य वरिष्ठ मंत्री, कोई भी पार्टी के फैसले का विरोध नहीं करेगा।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - West Bengal: बीरभूम में गरजे अमित शाह, कहा- पांच मई को बनने वाली है भाजपा सरकार, बंगाल की जनता ने लिया निर्णय

'कांग्रेस में हाईकमान का निर्णय सर्वोपरि'
उन्होंने पार्टी अनुशासन पर जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस में हाईकमान का निर्णय सर्वोपरि होता है और हर नेता को उसका पालन करना पड़ता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल चर्चा केवल कैबिनेट फेरबदल को लेकर हो रही है, न कि प्रदेश अध्यक्ष बदलने को लेकर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद पिछले छह साल से डीके शिवकुमार के पास है और उस पर कोई चर्चा नहीं हो रही है।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें