बैंक से कैश न मिलने के कारण इलाज के दौरान युवती की अस्पताल में मौत हो गई। पति ने जेवर व खेत गिरवी रखे बावजूद इसके वह पत्नी की जान न बचा पाया। कई दिनों तक धन निकासी के लिए बैंक का चक्कर लगाता रहा पर कैश नहीं मिला। आखिरकार मंगलवार की रात पैसे के अभाव में अस्पताल में महिला की मौत हो गई।
नवाबगंज मंसूराबाद गांव निवासी राम सूरत की पत्नी सरिता (25)पिछले कई दिनों से बीमार चल रही थी। सदर के एक अस्पताल में सरिता को इलाज के लिए दाखिल कराया गया। डॉक्टर ने इलाज के लिए लगभग तीन लाख का खर्च बताया। पति ने खाते से कैश निकालने का प्रयास किया पर बैंक में कैश न होने के चलते पैसे नहीं मिले। इस पर रामसूरत ने पहले पत्नी के जेवर 15 हजार में गिरवी रखे।
एक-दो दिन इलाज चला, इस बीच रामसूरत बैंक का चक्कर लगाता रहा पर वहां से पैसे नहीं मिले तो अपने खेत को गिरवी रख पत्नी का इलाज जारी रखा। इस दौरान भी रामसूरत ने खाते से पैसा निकालने के लिए बैंक के कई चक्कर लगाए पर रुपये नहीं मिले। खेत के पैसे भी खत्म हो गए, आगे पैसों का इंतजाम न होने के कारण आखिरकार मंगलवार को सरिता के सांसों की डोर टूट गई। राम सूरत का खाता मंसूराबाद स्थित एक बैंक में है।