देश में ''मुद्रा अराजकता'' से आम लोग परेशान हैं। उनकी राय में मोदी सरकार का नोटबंदी का कदम सही है लेकिन इसे लागू करने के पीछे अच्छे से विचार नहीं किया गया। लंबी कतारों में नए नोट निकालने और पुराने नोट जमा करने वाले आम लोगों में से कई की सोच है कि प्रधानमंत्री के इस एक्शन से काले धन को सिस्टम से निकालने में मदद होगी। कुछ कहते हैं इससे अवैध समपत्ति पर, जो काले धन का एक बड़ा हिस्सा है, कोई फर्क नहीं पड़ेगा
प्रधानमंत्री ने कहा लोगों की तकलीफें दूर होने में 50 दिन लगेंगे। वित्त मंत्री के अनुसार एटीएम को सही करने में तीन हफ्ते लग जाएंगे। सरकार की तैयारी नहीं थी। ऐसा खुद भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है। वो सरकार की तैयारी की कमी से चकित हैं। पेश है ऐसे पांच कदम जिसके लिए विशेषज्ञ और आम जनता के अनुसार सरकार को नोटबंदी से पहले तैयार रहना चाहिए थे ।
एटीएम का रिकैलिब्रेशन
देश में दो लाख से अधिक एटीएम हैं जिनमे से कई 8 नवंबर से बंद पड़े हैं। जो खुले हैं उनमे 100 रुपये के नोट तुरंत निकल जाते हैं। सरकार ने पहले 2000 रुपये के नए नोट और अब 500 रुपये के नए नोट जारी किये हैं। लेकिन फिलहाल ये नोट बैंक से मिल सकेंगे, एटीएम से नहीं। इसके लिए सभी एटीएम का रीकैलिब्रेशन होना जरूरी है। यानी नए नोटों के लिए या तो नए कैसेट लगाने पड़ेंगे या पुराने कैसेट का रीकैलिब्रेशन होना चाहिए। वित्त मंत्री कहते हैं इस प्रक्रिया में तीन हफ्ते लगेंगे लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं इसमें इससे कहीं अधिक समय लग सकता है।