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नोट बैनः राज्यसभा में विपक्षी दलों के प्रधानमंत्री पर 10 बड़े हमले

Wed, 16 Nov 2016 05:37 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : ANI
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नोट बैन के मुद्दे पर देशभर में मचे बवाल के बीच आज राज्यसभा में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई। संसद के शीतलकालीन सत्र के पहले दिन विपक्षी दलों ने सरकार और प्रधानमंत्री मोदी के निर्णय पर सवाल खड़े करते हुए आरोपों की झड़ी लगा दी। शुरूआत कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने की।
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इसके बाद रामगोपाल यादव, शरद यादव, सीताराम येचुरी और मायावती समेत कई बड़े नेताओं ने सरकार के निर्णय में खामियां निकालते हुए प्रधानमंत्री की नीयत पर ही सवाल खड़े कर दिए।

विपक्षी नेताओं के निशाने पर अधिकतर समय प्रधानमंत्री मोदी ही रहे। आइए जानते हैं प्रधानमंत्री मोदी पर लगाए गए ऐसे ही दस बड़े आरोप जो खड़ी कर सकते हैं सरकार के लिए मुश्किल। 
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मायावती, शरद यादव व आनंद शर्मा ने साधा निशाना

प्रधानमंत्री को लगता है उन्होंने यह निर्णय लेकर कोई बड़ा तीर मार दिया हैः मायावती

प्रधानमंत्री ने यह फैसला अपने पूंजीपति दोस्तों के लिए किया है जिनका कालाधन पिछले दस महीने में उन्होंने‌ ठिकाने लगवा दियाः मायावती

लोगों को भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करते हैं मोदी, इसके‌ लिए अपनी मां को भी लाइन में लगवा दियाः मायावती

तुगलक के फरमान जैसा है मोदी का फैसलाः सीताराम येचुरी

सरकार ने भारत बंद करा दिया और सबको लाइन में लगा दियाः शरद यादव

आपने ऐसा काम किया है जैसे चलती राजधानी एक्सप्रेस से किसी को धक्का दे दिया होः शरद यादव

प्रधानमंत्री के निर्णय के बाद भाजपा कार्यकर्ता वोट मांगने घरों में पहुंचे तो महिलाएं बेलन से मारेंगीः रामगोपाल यादव

प्रधानमंत्री ने कहा मेरी जान को खतरा है मुझे मार देंगे, मैंने सबकुछ त्याग दिया, सब झूठ बोलाः आनंद शर्मा

किस कानून ने आपको यह अधिकार दिया कि सरकार जनता के बैंक से पैसा निकालने पर रोक लगाएः आनंद शर्मा

सरकार बिना किसी अध्यादेश के इतना बड़ा फैसला लेकर आ गई, यह तानाशाही हैः आनंद शर्मा
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