शिवसेना ने सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से कहा कि वह घोषणा करें कि मुंबई तट पर निर्माण के लिए प्रस्तावित मराठा छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा दुनिया में सबसे ऊंची होगी और वह इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से नहीं डरेंगे।
शिवसेना का कहना है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के महाराष्ट्र प्रमुख जयंत पाटिल ने दावा किया है कि पटेल की प्रतिमा "स्टैच्यू ऑफ यूनिटी" दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा बनी रहे इसलिए मुंबई में समुद्र में बननेवाली छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा की ऊंचाई कम कर दी गई है।
शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में लिखा है कि पटेल की प्रतिमा ऊंची साबित हो इसीलिए शिवाजी की प्रतिमा की ऊंचाई को कम करना "संकुचित, विकृत मानसिकता" की निशानी है।
उसने लिखा है कि मुख्यमंत्री ने जिस हिम्मत से मराठा आरक्षण की घोषणा की, उसी साहस से शिवाजी की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा के निर्माण की घोषणा करनी चाहिए। उसने फडणवीस से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह से इस मुद्दे पर "नहीं डरने" को कहा है।
पार्टी ने कहा है कि सरकारी तिजोरी के दरवाजे 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' के लिए हमेशा खुले रखे गए लेकिन महाराष्ट्र में शिवाजी के भव्य स्मारक की नींव भी नहीं रखी गई है।
उसका कहना है कि सरदार की सर्वाधिक ऊंचाई वाली प्रतिमा पहले बने और उनके सामने शिवाजी जैसा युगपुरुष बौना साबित हो, ऐसी कोई अंदरूनी योजना थी और क्या उसी के अनुसार शिवाजी के स्मारक को लटकाए रखा गया है।
सामना में लिखा गया है कि शिवाजी की प्रतिमा सबसे बड़ी और ऊंची ही होनी चाहिए। इसके लिए फडणवीस सरकार और महाराष्ट्र के सभी दल के नेताओं को एक होना चाहिए।