फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विजय माल्या ने संडे गार्जियन को दिया इंटरव्यू, भारत लौटने से इनकार

Mon, 14 Mar 2016 12:02 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विजय माल्या ने ट्विटर पर लगातार सक्रिय हैं।
विज्ञापन
सबकी नजरों से छुपकर विदेश में बैठे विजय माल्या ने कहा है कि भारत लौटने का ये सही वक्त नहीं है। संडे गार्जियन को दिए ई-मेल इंटरव्यू में उन्होंने कहा,''मैं पूरी तरह भारतीय हूं यकीनन मैं लौटना चाहता हूं लेकिन मैं निश्चित नहीं हूं कि मुझे अपना पक्ष रखने का उचित मौका मिलेगा। मुझे नहीं लगता कि यह सही समय है।
विज्ञापन


रविवार को उन्होंने ट्वीट कर मीडिया पर भी निशाना साधा है। माल्या ने कहा है कि ब्रिटेन में मीडिया उनके शिकार में लगा हुआ है। दुख की बात है कि वे सही जगह नहीं देख रहे। माल्या के अनुसार वह मीडिया से बात नहीं करेंगे, इसलिए वह व्यर्थ प्रयास न करे।

वहीं हैदराबाद की एक अदालत ने चेक बाउंस के मामले में हाजिर नहीं होने पर उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। केंद्र सरकार ने भी कहा है कि किसी अनियमितता का पता लगाने के लिए किंगफिशर एयरलाइंस द्वारा जमा कराए गए अपने कर्मचारियों के भविष्य निधि अंशदान की जांच कराई जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

माल्या के खिलाफ गैरजमानती वारंट

विजय माल्या के खिलाफ चेक बाउंस होने का मामला चल रहा है। - फोटो : Reuters
माल्या और उनकी एयरलाइंस के खिलाफ जीएमआर हैदराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड को दिए गए 50 लाख रुपये के चेक के डिसऑनर होने का मामला चल रहा है। माल्या को इस मामले में 10 मार्च को अदालत में उपस्थित होना था लेकिन वह नहीं आए। इस पर हैदराबाद के 14वें एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर मामले को 13 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया। अगली सुनवाई तक कोर्ट के आदेश पर अमल करना है। 

कंपनी के दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी वारंट जारी किया गया है। जीएमआर के वकील जी अशोक रेड्डी ने बताया कि उनके मुवक्किल को आठ करोड़ रुपये के भुगतान के कुल 11 केस लंबित हैं। वहीं माल्या के अधिवक्ता एच सुधाकर राव ने गैर जमानती वारंट को हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात की है।
दूसरी ओर केंद्रीय श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने कहा है कि किंगफिशर एयरलाइंस ने चालू रहने के दौरान अपने कर्मचारियों के लिए जो पीएफ जमा किया था, उसकी जांच होगी। 

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि इस मामले में अभी तक कोई जांच नहीं हुई है। दरअसल एयरलाइंस की महिला कर्मचारियों ने एक खुला खत लिख आरोप लगाया है कि कंपनी सरकारी कार्रवाई के डर से केवल पीएफ जमा कराती थी। उन लोगों को वेतन नहीं दिया जाता था। अब ऐसे कर्मी एक बैनर के तले आकर कानूनी लड़ाई शुरू करने का प्रयास कर रहे हैं। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें