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एक देश एक चुनाव: BJP पर कांग्रेस का हमला, 'ये व्यावहारिक नहीं, सरकार स्थिति जांचने के छोड़ रही सियासी शिगूफा'

Mon, 16 Sep 2024 04:14 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

One Nation One Election: कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को कहा कि एक देश, एक चुनाव का विचार व्यावहारिक नहीं है और देखने वाली बात होगी कि स्थिति को जांचने के लिए सरकार कब तक ऐसे सियासी शिगूफा छोड़ कर बच सकेगी।
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एक देश एक चुनाव: BJP पर कांग्रेस का हमला - फोटो : ANI
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विस्तार
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देश में सत्ताधारी गठबंधन एनडीए की तरफ से मौजूदा कार्यकाल में एक देश एक चुनाव को लागू करने के रिपोर्ट पर कांग्रेस पार्टी ने जोर देकर कहा कि 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' का कोई मसौदा प्रस्ताव नहीं था और सरकार ने इस पर बात करने का कोई प्रयास नहीं किया। 
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NDA इसी कार्यकाल में लागू करेगी एक देश एक चुनाव
सूत्रों के अनुसार भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार अपने मौजूदा कार्यकाल के दौरान 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' को लागू करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सुधार उपाय को सभी दलों का समर्थन मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर सूत्रों ने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन की एकजुटता बाकी कार्यकाल में समान रहेगी।

यह सरकार कब तक टिकेगी?- सुप्रिया श्रीनेत
वहीं सरकार के इसी कार्यकाल में 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' लागू किए जाने की रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, आपने सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा, मैं कांग्रेस पार्टी की आधिकारिक प्रवक्ता हूं और मोदी सरकार की कई विफलताओं को उजागर कर रही हूं। चुनिंदा सूचनाएं लीक करके यह सरकार कब तक टिकी रहेगी?
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सरकार ने हमसे कोई बातचीत नहीं की- कांग्रेस
यह सरकार इस देश की वास्तविक समस्याओं से आंखें मूंदकर कब तक टिकी रहेगी? सूचनाएं फैलाकर, वास्तविकता यह है कि एक देश, एक चुनाव कोई मसौदा नहीं है, वास्तविकता यह है कि कोई चर्चा नहीं हुई है, वास्तविकता यह है कि विधानसभाएं चल रही हैं, वास्तविकता यह है कि सरकार ने हमसे बात करने का कोई प्रयास नहीं किया है।

भाजपा के घोषणापत्र का एक प्रमुख वादा 
बता दें कि 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' भाजपा की तरफ से लोकसभा चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में किए गए प्रमुख वादों में से एक था। इसके लिए मार्च में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली एक उच्च स्तरीय समिति ने पहले कदम के रूप में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश की थी, उसके बाद 100 दिनों के भीतर स्थानीय निकाय चुनाव कराए जाने चाहिए। हालांकि इस समिति ने एक साथ चुनाव कराने के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं की है।
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