पेरिस के सबसे पुराने और दुनियाभर में मशहूर नॉट्र डाम कैथेड्रल में सोमवार को भीषण आग लग गई थी। जिससे कैथोलिक चर्च के शिखर और छत ढह गए हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक मामलों की एजेंसी से आए अधिकारियों से मुलाकात करने वाले हैं और उम्मीद है कि इस दौरान वे नोट्रे डेम कैथेड्रल गिरजाघर के पुननिर्माण को लेकर अपने विचार पेश करेंगे। हालांकि कई ऐसी एतिहासित इमारतें भी हैं जिनका पुनर्निर्माण कराया गया है। जानिए यहां-
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सोमनाथ मंदिर
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सोमनाथ मंदिर-
महमूद गजनवी नाम के आक्रमणकारी ने साल 1026 में इस मंदिर को नष्ट कर दिया था। इसके साथ ही मंदिर में लगे बेशकीमती रत्नों को भी लूट लिया। अरब यात्री अल-बरुनी ने अपने यात्रा वृतांत में इस मंदिर की भव्यता का वर्णन किया था। गजनवी के हमले के बाद गुजरात के राजा भीम और मालवा के राजा भोज ने इस मंदिर का पुनर्निर्माण कराया। 1706 में मुगल बादशाह औरंगजेब ने फिर इस मंदिर को नष्ट कर दिया। जिसके बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल ने इसका पुनर्निर्माण कराया।
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सेंट पॉल कैथेड्रल
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सेंट पॉल कैथेड्रल, लंदन-
लंदन में स्थित सेंट पॉल कैथेड्रल को पहली बार 604 ईस्वी में बनाया गया था। लेकिन, यह जल गया था। इसके स्थान पर बनाए गए दूसरे ढांचे को 904 ईस्वी में वाइकिंग हमलावरों ने नष्ट कर दिया था। इसके बाद 1087 ईस्वी में पुनर्निर्माण किए गए तीसरे ढांचे को भी आग से नुकसान पहुंचा था। 1666 ग्रेट फॉयर ऑफ लंदन के समय इस ढांचे में भी आग लग गई थी। आग लगने के के कई साल बाद सन 1711 में सर क्रिस्टोफर वेन ने इसके ढांचे को फिर से बनवाया। लेकिन, द्वितीय विश्वयुद्ध के समय 1940-41 में जर्मन हवाई हमले में इस कैथेड्रल को नुकसान पहुंचा था। वर्तमान में दिख रहा ढांचा 2011 में बनकर पूरा हुआ।
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नेशनल हिस्ट्री म्यूजियम
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नेशनल म्यूजियम, रियो डि जेनेरियो
सितंबर 2018 में लगी भीषण आग में इस म्यूजियम में रखी बेशकीमती 2 करोड़ से ज्यादा ऐतिहासिक साक्ष्य नष्ट हो गए। जिसमें मिस्र की दुर्लभ कलाकृतियों से लेकर ब्राजील का सबसे पुराना ज्ञात मानव जीवाश्म शामिल था। 200 साल पुरानी बिल्डिंग में लगी आग में 90 फीसदी से ज्यादा ऐतिहासिक धरोहर नष्ट हो गई थी। इस बिल्डिंग को फिर से बनाने के लिए लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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Academic libraries in Leuven
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ल्यूवेन विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी
बेल्जियम में स्थित ल्यूवेन विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक पुस्तकालय को दोनों विश्वयुद्ध के समय नष्ट कर दिया गया था। प्रथम विश्वयुद्ध के समय जर्मन सैनिकों ने 14वीं शताब्दी में बने विश्वविद्यालय हॉल और 18वीं शताब्दी में बने पुस्तकालय भवन को बम से उड़ा दिया था। इस हमले में तीन लाख किताबें और 1000 से अधिक पांडुलिपियों को खत्म कर दिया गया। इस बिल्डिंग को दोबारा बनाया गया लेकिन 1940 में द्वितीय विश्वयुद्ध के समय फिर से जर्मन फौज ने इस विश्वविद्यालय को नुकसान पहुंचाया। इसमें लगभग 10 लाख किताबों को नुकसान पहुंचा। बाद में इस विश्वविद्यालय का पुनर्निर्माण किया गया। जो 1951 में पूरी तरह से संचालित हो गया।
इंडोनेशिया के मध्य जावा प्रांत में स्थित बोरोबुदुर विहार को शेलेद्र वंश ने आठवीं और नौवीं शताब्दी में बनवाया था। लेकिन जब इस स्थान पर इस्लाम का आगमन होने लगा तो 1500 के आसपास इस जगह को रहस्यमय ढंग से छोड़ दिया गया। यहां हुए ज्वालामुखी विस्फोट ने इस ऐतिहासिक स्थल पर राख की मोटी परत चढ़ा दी। इसके बाद कई पेड़-पौधों ने इस स्थल के दीवारों को अपना घर बना लिया। 1914 में एक अंग्रेज गवर्नर थामस स्टेमफोर्ड ने इस स्थल की खोज शुरू की। बाद में यूनेस्को ने 1972 में इस प्रसिद्ध बौद्ध मंदिर को पुनर्स्थापित करने के लिए अभियान चलाया जो 1983 में पूरा हुआ।