बीजेपी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है। 149 उम्मीदवारों की सूची में एक भी मुस्लिम प्रत्याशी का नाम शामिल नहीं है। वहीं, इस सूची पर गौर करें तो इन जातियों पर पार्टी की खास नजर है।
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2104 के लोकसभा चुनाव में भी यूपी में बीजेपी ने एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारा था। पिछले तीन विधानसभा चुनाव की बात करें तो बीजेपी ने सिर्फ दो मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया और चुनाव में उनकी जमानत तक जब्त हो गई।
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बीजेपी की पहली लिस्ट
- फोटो : अमर उजाला
टिकट वितरण में बीजेपी ब्राह्मण, वैश्य, क्षत्रिय, पिछड़े वर्ग और अनुसूचित जातियों का सामंजस्य बनाने का पूरा प्रयास किया है। सभी वर्गों का बराबर प्रतिनिधित्व सीटों पर दिखाई दे रहा है। लेकिन पार्टी ने अभी तक किसी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया है।
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बीजेपी की पहली लिस्ट
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149 उम्मीदवारों की सूची में 56 सीटें पर पिछड़ी जाति के उम्मीदवार को पार्टी ने मैदान में उतारा है। जिनमें 15 सीटों पर जाट तो 4 सीटें गुर्जर प्रत्याशी के नाम की गई हैं।
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बीजेपी की पहली लिस्ट
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सवर्णों में बीजेपी ने अभी तक 26 सीट पर ठाकुर उम्मीदवार उतारे हैं। वहीं 15 सीटों पर ब्राह्मण प्रत्याशी लड़ाएगी। करीब 25 सीटें दलित उम्मीदवारों को भी दी गई है।
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बीजेपी
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दूसरी पार्टियों से आए 10 विधायकों सहित कई नेताओं को टिकट मिला है। विधायकों में 7 बीएसपी, दो आरएलडी और एक कांग्रेस से हैं।
यूपी के जातिगत समीकरणों पर नजर डालें तो इस राज्य में सबसे बड़ा वोट बैंक पिछड़ा वर्ग है। पिछड़े वर्ग की संख्या 39 फीसद है, जिसमें यादव 12 फीसद, कुर्मी, सैथवार आठ फीसद, जाट पांच फीसद, मल्लाह चार फीसद, विश्वकर्मा दो फीसद और अन्य पिछड़ी जातियों की तादाद 7 फीसद है। इसके अलावा प्रदेश में अनुसूचित जाति 25 फीसद है और मुस्लिम आबादी 18 फीसद है।