Northern Railway: उत्तर रेलवे के छह मंडलों में कार्यरत महिला ट्रैक मेंटेनर्स को एक बार नौकरी की श्रेणी बदलने का विकल्प दिया गया है। यह फैसला कुछ शर्तों के साथ लागू होगा, जैसे कि तीन साल की नियमित सेवा और इच्छित पद में रिक्ति व मेडिकल योग्यता। यह निर्णय उत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के लगातार प्रयासों के बाद लिया गया है।
उत्तर रेलवे के छह मंडलों में पटरियों की देखरेख करने वाली महिला कर्मचारियों (ट्रैक मेंटेनर्स) को अब अपने-अपने डिवीजन या यूनिट में नौकरी बदलने का एक बार का विकल्प मिलेगा। संबंधित अधिकारियों ने इस प्रस्ताव को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी है। यह आदेश जम्मू, फिरोजपुर, अंबाला, दिल्ली, मुरादाबाद और लखनऊ जैसे रेल मंडलों में काम कर रही महिला ट्रैक मेंटेनर्स पर लागू होगा।
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हाल ही में उत्तर रेलवे के महाप्रबंधन की ओर से जारी परिपत्र (सर्कुलर) में कहा गया, यह फैसला लिया गया है कि उत्तर रेलवे की सभी पात्र महिला ट्रैक मेंटेनर्स को एक बार नौकरी बदलने का विकल्प दिया जा सकता है, अगर वे किसी अन्य श्रेणी का चयन करें, बशर्तें वे शर्तों को पूरा करें।
अखिल भारतीय रेलवे कर्मचारी महासंघ की क्षेत्रीय इकाई 'उत्तर रेलवे कर्मचारी संघ' बीते कुछ महीनों से यह मुद्दा रेल प्रशासन के सामने उठा रही थी। उसके लगातार प्रयासों के बाद उत्तर रेलवे ने इस एक बार नौकरी बदलने के विकल्प को मंजूरी दी।
नौकरी की श्रेणी बदलने के लिए उत्तर रेलवे ने कुछ शर्तें बताई हैं। इसमें कहा गया है कि केवल वही महिला ट्रैक मेंटेनर इस विकल्प का लाभ उठा सकती हैं, जिन्होंने इस पद पर तीन साल की नियमित सेवा पूरी कर ली हो। वे अपनी डिवीजन या यूनिट में उपलब्ध किसी अन्य पद के लिए आवेदन कर सकती हैं।
परिपत्र में कहा गया है कि जिस श्रेणी में महिला जाना चाहती है, उसमें पद रिक्त होना चाहिए। साथ ही, उस पद की मेडिकल योग्यता भी महिला कर्मचारी को पूरी करनी होगी। इसमें यह भी कहा गया है कि अगर किसी डिवीजन में एक साथ सभी महिला ट्रैक मेंटेनर्स की श्रेणी नहीं बदली जा सकती, तो ऐसे में वरिष्ठता के आधार पर यानी जो सबसे पहले नियुक्त हुई हों, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।