अब जनरल टिकट खरीदना और आसान हो जाएगा। स्टेशन के बाहर यात्री तुरंत टिकट पा जाएंगे। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने 106 छोटे-बड़े स्टेशनों पर 201 जन साधारण टिकट बुकिंग सेवक (जेटीबीएस) रखने का निर्णय लिया है। जेटीबीएस का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा और रेलवे की ओर से उन्हें प्रति टिकट की बिक्री पर दो रुपये कमीशन दिया जाएगा।
टिकटों की बिक्री के लिए रेलवे जेटीबीएस के अलावा ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) और मोबाइल एप की सुविधा भी शुरू की है। बावजूद इसके ग्रामीण इलाकों से आने वाले यात्री मोबाइल एप और एटीवीएम से टिकट लेने में घबराते हैं। इसके इतर जेटीबीएस काउंटर से टिकट खरीदने ज्यादा संख्या में यात्री पहुंच रहे हैं।
जेटीबीएस के लिए शर्तों में छूट दी गई है कि वे स्टेशन के आसपास ही नहीं, जिले में कहीं भी काउंटर खोल सकते हैं। कंप्यूटर, प्रिंटर समेत पूरा सिस्टम जेटीबीएस को अपने खर्च पर लगाना होगा। जेटीबीएस नियुक्त करने के लिए 20 अक्तूबर तक आवेदन मांगा गया है। इसके बाद चयन की प्रक्रिया शुरू होगी।
गोरखपुर में हैं 15 जेटीबीएस काउंटर
गोरखपुर। बड़े स्टेशनों पर जेटीबीएस पहले से ही हैं। अब इनकी संख्या बढ़ाई गई है। वहीं छोटे स्टेशनों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। गोरखपुर में अभी 15 जेटीबीएस काउंटर संचालित हैं।
गोरखपुर-बस्ती के चयनित स्टेशन
गोरखपुर, गोरखपुर कैंट, डोमिनगढ़, सहजनवां, खलीलाबाद, बस्ती, बभनान, नौगढ़, बढ़नी, नौतनवां, मानीराम, जगतबेला, डोमिनगढ़, टिनिच, चुरेब, गोरखपुर कैंट, कैंपियरगंज, पीपीगंज, सहजनवां, नकहा जंगल, सरैया, परसेंडी, बिछिया, शोहरतगढ़।