असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को माजुली में बीकाखोर बाबे एटा पोखेक पहल के तहत 894 करोड़ रुपये की कई परियोजनाओं की शुरुआत की। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि सीएम ने बालीचपोरी से लखीमपुर के बोंगलमारा तक एक सड़क की आधारशिला रखी, जिसमें लुइत और सुबनसिरी नदियों पर दो पुलों का निर्माण भी शामिल है। वहीं कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर सिक्किम सीएम ने एक समिति गठित कर दी है। साथ ही भाजपा के शीर्ष नेताओं ने त्रिपुरा के नेताओं के साथ बैठक की।
मुख्यमंत्री ने बालीचपारी को पुल से जोड़ने के लिए सड़क के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों को चेक भी सौंपा। वहीं असोम माला नाम की सड़क परियोजना में 694 करोड़ रुपये की लागत आएगी। साथ ही सरमा ने 51 करोड़ रुपये की लागत से माजुली सांस्कृतिक विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर, बनगांव में सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के निर्माण और केंद्रीय मध्याह्न भोजन रसोई की आधारशिला भी रखी।
इसके अलावा, माजुली जिले की बारहमासी बाढ़ की समस्या को दूर करने के लिए, उन्होंने 29 करोड़ रुपये की लागत से जबरचुक से हल्दीबाड़ी तक ब्रह्मपुत्र के तट पर रिंग बंड के निर्माण की आधारशिला रखी। सीएम सरमा ने कहा कि माजुली को आध्यात्मिकता, परंपरा और संस्कृति की भूमि के रूप में जाना जाता है। माजुली आज तेजी से प्रगति कर रहा है और यह लोगों के लिए अपनी अनूठी पहचान बनाए रखने के लिए गंभीर है।
उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह से प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के लिए काम कर रही है कि लोग संपर्क रहित तरीके से विभिन्न सेवाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने किसानों से जिले में स्थापित धान उपार्जन केन्द्र पर 2040 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान बेचने का भी आग्रह किया।
पुरानी पेंशन योजना पर सिक्किम ने गठित की समिति
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना की बहाली की व्यवहार्यता की जांच के लिए एक समिति गठित की है। वहीं एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पैनल की अध्यक्षता कार्मिक विभाग के सचिव रिनजिंग चेवांग भूटिया करेंगे। शनिवार को राज्य सरकार के कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने समिति बनाने का निर्णय लिया।
शनिवार को जारी बयान में कहा गया है कि तमांग ने पैनल को तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने का निर्देश दिया है। इस मुद्दे पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ व्यापक चर्चा के बाद, सीएम ने मुद्दे के सभी पहलुओं की जांच करने और समाधान खोजने के लिए समिति गठित करने का फैसला किया।
भाजपा के शीर्ष नेताओं ने त्रिपुरा के नेताओं के साथ बैठक की
गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा समेत वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने रविवार को त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा और राज्य के पार्टी के अन्य शीर्ष पदाधिकारियों के साथ बैठक की। सूत्रों ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब और केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक भी पार्टी की राज्य इकाई के भीतर गुटबाजी की खबरों के बीच बैठक में शामिल हुए। पार्टी नेतृत्व ने नागालैंड और मेघालय के नेताओं के साथ भी बैठकें की हैं, दो राज्य जहां त्रिपुरा में चुनावों की घोषणा होने की संभावना है।