विवाद के केंद्र में रहे पंजाबी मोहल्ले को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के मसले पर सरकार की ओर से उच्च स्तरीय समिति के गठन की घोषणा के बाद शिलांग में मंगलवार को हालात धीरे धीरे सामान्य होते दिखाई दिए। बावजूद इसके संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू अभी जारी है।
ईस्ट खासी हिल्स के उपायुक्त पी. एस. खार ने बताया कि बीती रात से नए सिरे से किसी हिंसा की खबर नहीं है। प्रशासन संवेदनशील इलाकों में कोई जोखिम नहीं मोल लेना चाहता इसलिए 14 संवेदनशील जगहों पर हालात सामान्य होने के बावजूद कर्फ्यू में ढील देने और इंटरनेट सेवाओं पर से लगी रोक हटाने के बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया है।
संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 15 कंपनियां तैनात हैं और पुलिस एवं सुरक्षा बल के जवान गश्त लगा रहे हैं। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने अपने सदस्य मंजीत सिंह राई को जमीनी स्थिति की समीक्षा करने के लिए मंगलवार को यहां भेजा है। चार दिन बाद मंगलवार को शहर पुलिस बाजार और बारा बाजार में 90 फीसदी से अधिक दुकानें एवं बाजार पहली बार खुले और टैक्सियां सड़कों पर दौड़ीं।
उल्लेखनीय है कि पिछले बृहस्पतिवार को एक सिख युवती से कथित छेड़छाड़ के बाद हुई मारपीट की घटना ने तूल पकड़ लिया था। इसके बाद शहर के 14 इलाके हिंसा की चपेट में आ गए थे। नतीजतन यहां कर्फ्यू लगाना पड़ा था और सेना को सड़कों पर उतारना पड़ा था। सोमवार को कर्फ्यू में ढील देने के बाद फिर हिंसा भड़क उठी थी जिसके बाद सेना ने फ्लैग मार्च किया था। केंद्र ने भी केंद्रीय बलों की दस अतिरिक्त कंपनियां यहां भेजी है।
पंजाबी कालोनी दूसरी जगह शिफ्ट करने के मसले पर समिति
मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने सोमवार को अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ बैठक के बाद पंजाबी कालोनी को दूसरी जगह शिफ्ट करने के मसले पर एक उच्चस्तरीय समिति के गठन की घोषणा की। वहीं बैठक के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी राज्य सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। हालांकि समिति के गठन की घोषणा के बाद ये लौट गए।