शहर की बिटिया से दुराचार के मामले में जेल में बंद आसाराम के दो करीबियों के खिलाफ सीजेएम संजय मिश्रा की कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। इनमें से एक अहमदाबाद निवासी अर्जुन मूलचंदानी है जो ठक्कर बाबा आसाराम सोसाइटी परिसर में रहता है। दूसरा सीतापुर के सिंधौली थाना क्षेत्र की सिद्धेश्वरी कालोनी का रहने वाला राहुल पुत्र प्रेमसागर है।
सीजेएम कोर्ट से वारंट की प्रति मिलने के बाद शाहजहांपुर पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश में जुट गई है। पुलिस का मानना है कि अर्जुन जेल में बंद आसाराम की हर योजना का वित्तीय प्रबंधन संभालता है और बिटिया से दुराचार के मामले के प्रमुख गवाह कृपाल सिंह की हत्या के लिए कार्तिक हलदार को उसी ने 15 लाख रुपये दिए थे।
आसाराम के अनुयायी कृपाल सिंह सदर बाजार थाना क्षेत्र के गदियाना के निवासी थे और ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करते थे। दुराचार के मामले में आसाराम के खिलाफ गवाही देने पर कार्तिक ने 10 जुलाई 2015 को कैंट तिराहे के पास कृपाल सिंह को गोली मार दी थी और इलाज के दौरान अगले दिन बरेली में मौत हो गई थी।
10 करीबियों का नाम आया था मामले में
आसाराम
- फोटो : फाइल फोटो
तफ्तीश में जुटी शाहजहांपुर पुलिस ने मामले में आसाराम के 10 करीबियों के शामिल होने की पुष्टि की थी। तभी कातिल के तौर पर कार्तिक का नाम खुला था। हत्या की साजिश करने वाले के तौर पर आसाराम के अहमदाबाद आश्रम में रहने वाले सेवादार नारायण पांडेय को पुलिस ने पिछले साल ही गिरफ्तार कर लिया था।
बिटिया के परिवार और उनका साथ देने वालों पर निशाना साधने के लिए शाहजहांपुर में तीन टीमें रेकी कर रहीं थीं। प्रमुख टीम में कार्तिक के अलावा पीलीभीत व बरेली के आश्रम का काम देखने वाला संजय, अर्जुन मूलचंदानी, कश्मीर निवासी राघव, पानीपत का बलबीर और जयपुर का भरत पेंटर शामिल था।
कृपाल मर्डर केस में कार्तिक के अलावा आसाराम के जिन करीबियों के नाम जांच में सामने आए हैं, उनमें से दो के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो गया है। उनकी तेजी से तलाश की जा रही है।
- डॉ. मनोज कुमार, एसपी शाहजहांपुर