बीएमसी चुनाव के लिए आज से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन अभी तक पार्टियों के बीच गठबंधन पर न तो सहमति बन सकी है और न ही उम्मीदवारों के नामों का एलान किया गया है। इससे बीएमसी चुनाव की स्थिति रोचक बन गई है।
बीएमसी चुनाव के लिए आज से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि अभी तक अधिकतर प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने उम्मीदवारों का एलान नहीं किया है। बीएमसी चुनाव बेहद अहमियत रखते हैं क्योंकि बीएमसी का 2025-26 का सालाना बजट 74 हजार करोड़ रुपये हैं और बीएमसी एशिया का सबसे बड़ा नगर निकाय है। बीएमसी चुनाव 15 जनवरी को होने हैं और चुनाव नतीजे 16 जनवरी को जारी किए जाएंगे।
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गठबंधन और उम्मीदवारों का एलान होना बाकी
बीएमसी चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 23 दिसंबर से शुरू होकर 30 दिसंबर तक चलेगी। 31 दिसंबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और 2 जनवरी तक नामांकन वापस लेने की तारीख है। अभी तक राजनीतिक पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों का भी एलान नहीं किया है और साथ ही गठबंधन में भी सीटों के बंटवारे का औपचारिक एलान नहीं हुआ है। 227 सीटों वाली बीएमसी में अभी सिर्फ आम आदमी पार्टी ने ही अपने 21 उम्मीदवारों की सूची जारी की है।
महायुति में सीटों के बंटवारे पर फंसा पेंच
सत्ताधारी महायुति गठबंधन में भी सीटों के बंटवारे पर मंथन चल रहा है। इसे लेकर बीती रात सीएम फडणवीस और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे के बीच बैठक हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा शिवसेना को 90 सीटें देने के लिए तैयार है, लेकिन एकनाथ शिंदे ज्यादा सीटों की मांग पर अड़े हैं। वहीं अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी महायुति गठबंधन में चुनाव लड़ेगी या फिर अकेले दम पर चुनाव मैदान में उतरेगी, इसका एलान मंगलवार को हो सकता है। एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी पार्टी की आधिकारिक भूमिका की जानकारी दे सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा को नवाब मलिक को लेकर आपत्ति है और साथ ही भाजपा एनसीपी को ज्यादा सीटें देने के मूड में नहीं है। महाविकास अघाड़ी गठबंधन में भी अभी सीटों पर सहमति नहीं बन पाई है और अभी तक महाविकास अघाड़ी में भी सीटों का एलान नहीं किया गया है।