छत्तीसगढ़ में प्रथम चरण की 18 सीटों पर विधानसभा चुनावों के लिए मंगलवार को नामांकन दाखिल करने की शुरूआत हो गई। प्रथम चरण में 8 जिलों की 18 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। इनमें से कई सीटें नक्सल प्रभावित इलाकों में हैं। सफलतापूर्वक चुनाव कराने के लिए अर्धसैनिक बलों की तकरीबन 700 कंपनियां तैनात की जाएंगी।
छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग ने बताया कि मंगलवार को 18 विधानसभा सीटों के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो कि 23 अक्टूबर तक चलेगी। पहले चरण में 12 नवंबर को नक्सल प्रभावित बस्तर इलाके में 12 तथा राजनांदगांव जिले में 6 विधानसभा सीटें हैं।
राज्य निर्वाचन अधिकारी सुब्रत साहू के मुताबिक प्रथम चरण में 31 लाख 79 हजार मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, इनमें 16 लाख 21 हजार महिलाएं और 15 लाख 57 हजार पुरुषों के अलावा 89 थर्ड जेंडर के मतदाता शामिल हैं। 18 विधानसभा सीटों के लिए 4 हजार 336 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। इनमें से 12 सीट अनसूचित जनजाति तथा एक सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है.
राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने बताया कि नक्सल प्रभावित बस्तर इलाके में पैरामिलिट्री बलों की 700 कंपनियों को तैनात की जाएंगी। साथ ही, शहरी इलाकों में पहली बार आरएएफ की तैनाती भी की जाएगी। नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के 7 जिलों में 2853 मतदान केंद्र हैं, जहां इस समय सीआरपीएफ, बीएसएफ और राज्य पुलिस के करीब 45000 बल तैनात हैं। वहीं वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भी तकरीबन 700 पैरामिलिट्री बलों को तैनात किया गया था।
प्रथम चरण में बस्तर संभाग की सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा चित्रकोट, बस्तर, जगदलपुर, नारायणपुर, केशकाल, कोण्डागांव, कांकेर जिले के अंतागढ़, भानुप्रतापुर और कांकेर तथा राजनांदगांव जिले के खैरागढ़, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, डोंगरगांव, खुज्जी और मोहला-मानपुर विधानसभा सीटों के लिए मतदान होगा।