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UP पुलिस की उगाही रेट लिस्ट हुई वायरल, पूरी क्राइम ब्रांच की टीम भंग, एसएसपी ने दिए जांच के आदेश

Sat, 19 May 2018 09:47 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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रिश्वत के रुपयों में बंटवारे को लेकर विवादों में घिरी गौतमबुद्धनगर पुलिस की क्राइम ब्रांच पर शराब माफिया से भी अवैध वसूली के आरोप लगे हैं। क्राइम ब्रांच की क्रिमिनल इंटेलिजेंस यूनिट और स्वाट टीम द्वारा की जा रही इस अवैध वसूली में तीन कथित पत्रकार भी शामिल हैं।

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एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा को कुछ फोटो और फोन कॉल रिकॉर्डिंग के साथ इसकी शिकायत की गई थी। फोन कॉल रिकॉर्डिंग में एक कथित पत्रकार शराब माफिया से रुपयों के लेनदेन की बात करता बताया जा रहा है। रिकॉर्डिंग में शराब माफिया कथित पत्रकार से कह रहा है कि वह पहले ही उसे तीन लाख रुपये क्राइम ब्रांच के नाम पर दे चुका है। 

रिकॉर्डिंग में बात करने वाले पत्रकार के साथ दो और पत्रकारों की भूमिका भी सामने आई है। ऑडियो के अनुसार कथित पत्रकार ही क्राइम ब्रांच के लिए उगाही करता है। ऑडियो में कथित पत्रकार शराब माफिया से रुपये लेकर थाने और क्राइम ब्रांच में सेटिंग कराने और कहीं भी शराब बेचने की छूट दिलाने की बात कर रहा है। शिकायत के आधार पर एसएसपी मामले की जांच करा रहे थे। जल्द ही इस मामले में क्राइम ब्रांच पर कार्रवाई होने वाली थी। इससे पहले ट्विटर पर जारी हुई टीम द्वारा अवैध वसूली की सूची ने पूरे क्राइम ब्रांच की पोल खोल दी।
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श्रवण एनकाउंटर पर उठे सवाल
नोएडा पुलिस की स्वाट टीम ने एडीजी मेरठ और एसएसपी के नेतृत्व में थाना फेज तीन अंतर्गत पर्थला पुस्ता के पास 25 मार्च 2018 को एक लाख रुपये के इनामी बदमाश श्रवण चौधरी को मार गिराया था। श्रवण के मीडिया संस्थान के अधिकारी की कार लूट का भी मुख्य आरोपी था। ट्विटर पर वायरल हो रही अवैध उगाही की सूची की मानें तो श्रवण के एनकाउंटर के लिए पुलिस ने किसी को 50 हजार रुपये दिए थे और शेष 50 हजार रुपये अभी देने थे। हालांकि वह शख्स कौन है, जिसे रुपये दिए गए थे इसका सूची में जिक्र नहीं है। इससे श्रवण एनकाउंटर पर भी सवाल उठने लगे हैं।

पुलिस भी खरीदती है अवैध असलहा
ट्विटर पर वायरल हो रही सूची में 40 हजार रुपये में प्रतिबंधित .9 एमएम की पिस्टल खरीदने का भी जिक्र है। .9 एमएम पिस्टल यूपी समेत ज्यादा राज्यों मेें प्रतिबंधित है। इसका इस्तेमाल केवल पुलिस या अन्य फोर्स द्वारा किया जाता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पुलिस को अवैध रूप से प्रतिबंधित बोर की पिस्टल खरीदने की आवश्यकता क्यों पड़ी। पिछले दिनों हुए कई मुठभेड़ में पुलिस ने घायल या मारे गए बदमाशों के पास से .9 एमएम की पिस्टल की बरामदगी भी दिखाई थी।
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सोशल मीडिया पर ये रेट लिस्ट हो रही है वायरल:-

 
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