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प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार चुनने पर विपक्ष के बिखराव का खतर: ममता

Sat, 28 Jul 2018 11:08 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ममता-उमर मिले
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि अगले लोकसभा चुनावों में संभावित विपक्षी मोर्चे से किसी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं चुना जाना चाहिए। वैसी स्थिति में भाजपा से लड़ रही क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों की एकता खतरे में पड़ जाएगी। वे यहां नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला के साथ मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात कर रही थीं।

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ममता ने दावा किया कि तमाम भाजपा-विरोधी क्षेत्रीय पार्टियां एकजुट हैं और उनको देश के हित में त्याग करना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि कृपया इन दलों की एकजुटता तोड़ने के लिए प्रधानमंत्री पद के लिए किसी खास नाम को नहीं चुनें। पत्रकारों ने अब्दुल्ला से सवाल किया था कि क्या तमाम विपक्ष पार्टियां अगले आम चुनावों में ममता बनर्जी को संघीय मोर्चे का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने को तैयार हैं। इसी पर ममता ने उक्त बात कही।

अब्दुल्ला ने भी कहा कि विपक्ष के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार चुनने का समय अभी नहीं आया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल हमारा ध्यान एकजुट होकर भाजपा को कड़ी टक्कर देने पर होना चाहिए। उसके बाद प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का फैसला किया जा सकता है।
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तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता ने कहा कि उनकी राय में भाजपा-विरोधी तमाम राजनीतिक दल मिल कर काम कर रहे हैं। अपने राज्य की मजबूरियों की वजह से एकाध पार्टियां शायद ऐसा नहीं करें। लेकिन उनमें से ज्यादातर मिल कर काम कर रही हैं। हमारी मंशा एकदम साफ है।

ध्यान रहे कि भाजपा के खिलाफ सबसे मुखर रहीं ममता इससे पहले अगले आम चुनावों में उसके खिलाफ एक के खिलाफ एक उम्मीदवार का फार्मूला सुझा चुकी हैं। ममता ने आरोप लगाया कि केंद्र में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार तानाशाह की तरह काम कर रही है। उन्होंने तमाम भाजपा-विरोधी ताकतों से इस तानाशाही से देश को बचाने के लिए एकजुट होने और त्याग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। देश के लोगों का बलिदान नहीं दिया जा सकता। इसलिए हमें लोगों के लिए लड़ना होगा और अगले चुनाव में जीतकर जनता की, जनता के द्वारा और जनता के लिए सरकार का गठन करना होगा।

क्या कांग्रेस भी भाजपा-विरोधी मोर्चे में शामिल होगी ? इस सवाल पर अब्दुल्ला का कहना था कि गठजोड़ में भाजपा-विरोधी तमाम राजनीतिक दलों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए किसी के सामने कोई शर्त नहीं रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि ममता दीदी फिलहाल बंगाल की सुरक्षा करने और यहां हालत बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही हैं। हम उनसे देश के लिए भी वही काम करने का अनुरोध करेंगे जो वे राज्य के लिए कर रही हैं। लेकिन प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम पर चर्चा जारी रखने पर हमारा ध्यान बिखर जाएगा और भाजपा को पराजित करने का हमारा मकसद भी प्रभावित होगा।

एक सवाल के जवाब में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सच्चे संघीय मोर्चे में शामिल दलों में कोई आपसी मतभेद नहीं होता। नेशनल कांफ्रेंस व तृणमूल कांग्रेस के बीच कोई मतभेद नहीं हैं। हमें जहां तक संभव हो ज्यादातर मुद्दों पर सहमत होना है। तमाम दलों को एक-दूसरे के साथ सहयोग करना है।

उन्होंने कहा कि विपक्षी गठजोड़ को संघीय मोर्चा का नाम मीडिया ने दिया है, विपक्षी राजनीतिक दलों ने नहीं। अब्दुल्ला ने बताया कि ममता बनर्जी के साथ बैठक के दौरान देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति, अल्पसंख्यकों में फैले डर और आम चुनावों में भाजपा से मुकाबले के लिए साझा मोर्चा के गठन पर बातचीत हुई। इसके अलावा  जम्मू-कश्मीर की हालत और वहां के पर्यटन क्षेत्र पर भी चर्चा हुई।

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