शांति के नोबेल पुरस्कार का एलान हो गया है। इस बार यह पुरस्कार कोलंबिया के राष्ट्रपति जुआन मैनुअल संतोस को दिया जाएगा। संतोस ने कोलंबिया में बीते 50 साल से चल रहे गृह युद्ध को खत्म करने में निर्णायक भूमिका निभाई है। उन्होंने 26 सितंबर को देश में सक्रिय विद्रोही संगठन रेवोल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेस ऑफ कोलंबिया (फार्क) के साथ शांति समझौता किया था।
इस गृहयुद्ध में अब तक दो लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। पुरस्कार की घोषणा करते हुए नोबेल कमेटी ने कहा कि यह अवॉर्ड कोलंबियाई जनता को समर्पित है, जिन्होंने ढेरों मुश्किलें झेलीं और शांति की उम्मीद को बरकरार रखा। नोबेल कमेटी ने उम्मीद जताई कि अब यह देश गरीबी, सामाजिक भेदभाव और ड्रग्स के चंगुल से आजाद हो सकेगा।
फार्क विद्रोहियों के साथ शांति समझौते से पहले कोलंबिया की सरकार ने देश में जनमत संग्रह कराया था। यह जनमत संग्रह शांति समझौते को लेकर हुआ था, जिसे 50.2 फीसदी लोगों ने अस्वीकार कर दिया था। इसके बावजूद राष्ट्रपति संतोस 49.8 फीसदी लोगों के समर्थन के साथ आगे बढ़े। चार बार कोशिश की और आखिरकार विद्रोहियों के साथ समझौता करने में सफल हो गए। इसके संकेत उन्होंने जनमत संग्रह के बाद ही दे दिए थे और कहा था कि शांति के लिए आखिरी मिनट तक कोशिश करेंगे।
10 अगस्त 1951 को बोगोटा में जन्में संतोस दो बार कोलंबिया के राष्ट्रपति रहे। 2010 और 2014 में उन्हें मौका मिला। 2006 से 2009 तक उन्होंने रक्षा मंत्री के पद पर भी काम किया। संतोस के परिवार में पत्नी समेत दो बेटे एक बेटी हैं।