एस. चोकालिंगम
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महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकालिंगम ने विपक्ष के दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के आखिरी घंटों में सात प्रतिशत की वृद्धि कोई उछाल नहीं है। उन्होंने इसे एक औसत प्रक्रिया बताया। सोमवार को एक वीडियो जारी कर उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र एक बड़ा राज्य है, जहां एक लाख से अधिक मतदान केंद्र हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकालिंगम ने कहा, "यदि मतदान के अंतिम घंटे में 76 लाख मतदाता आते हैं तो प्रत्येक मतदान केंद्र पर औसतन 76 मतदाता होते हैं।" बता दें कि महाराष्ट्र और झारखंड में पिछले महीने ही विधानसभा चुनाव हुए थे। महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति ने 288 में से 230 सीटें जीतीं।
चोकालिंगम ने कहा, "झारखंड के विपरित महाराष्ट्र में दिन के समय अधिक मतदान होता है। वहीं झारखंड में सबसे ज्यादा वोटिंग पहले हाफ में होती है।" उन्होंने आगे कहा, "महाराष्ट्र की तुलना में झारखंड एक छोटा राज्य है। यहां वोटिंग शाम के पांच बजे ही खत्म हो जाती है, जबकि महाराष्ट्र में वोटिंग शाम के छह बजे तक चलती है। उस समय कतार में मौजूद सभी लोग मतदान कर सकते हैं।"
विपक्ष की चिंताओं का किया खंडन
महाराष्ट्र में हर घंटे 50 से 60 मतदाता मतदान करते हैं। महाराष्ट्र निर्वाचन अधिकारी ने ईवीएम पर विपक्ष की चिंताओं का भी खंडन किया और बताया कि मशीनें तकनीकी रूप से विश्वसनीय और पारदर्शी हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर मतदाता को किसी प्रकार को संदेह है तो वे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति की जीत
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा 132 से ज्यादा सीटें जीती। वहीं अगर भाजपा नीत महायुति के घटक दलों की बात करें तो एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 57 और अजित पवार की राकांपा 41 सीटें जीतने में कामयाब रही। महाविकास आघाड़ी ने सिर्फ 46 सीटें जीतीं। जिसमें कांग्रेस ने 16 और शिवसेना ने 20 सीटें जीतीं।
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