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अध्ययन: कोविड प्रसार में कोई खास मौसम जिम्मेदार नहीं, WMO ने कहा- वायु गुणवत्ता ने निभाई अहम भूमिका

Sat, 20 May 2023 07:31 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली।

सार

डब्ल्यूएमओ की कोविड टास्क टीम की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वायु गुणवत्ता काफी हद तक वायरस फैलने के लिए जिम्मेदार है। वायु गुणवत्ता ने महामारी को फैलाने में एक माध्यमिक भूमिका निभाई है।
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कोरोनावायरस (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कोविड महामारी के शुरुआती वर्षों के दौरान विशेषज्ञों ने गर्म और आर्द्र मौसम को वायरस के संचरण के लिए अनुकूल बताया था। अब विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि कोई मौसम विशेष बीमारी फैलने के लिए जिम्मेदार नहीं होता। इस संबंध में अब तक जो भी तथ्य सामने आए हैं, उनसे यह साबित नहीं होता कि मौसम की कोई खास स्थिति वायरस के प्रसार में प्रमुख भूमिका निभाती है।

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डब्ल्यूएमओ की कोविड टास्क टीम की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वायु गुणवत्ता काफी हद तक वायरस फैलने के लिए जिम्मेदार है। वायु गुणवत्ता ने महामारी को फैलाने में एक माध्यमिक भूमिका निभाई है। महामारी के शुरुआती ढाई वर्षों के दौरान दुनिया के अलग-अलग देशों से जो साक्ष्य एकत्रित किए गए थे उनके विश्लेषणों से पता चलता है कि रोग संचरण पर मौसम और वायु गुणवत्ता का प्रभाव गैर- फार्मास्युटिकल हस्तक्षेपों, टीकाकरण अभियानों, प्रतिरक्षा प्रोफाइल में बदलाव, वैरिएंट और व्यवहार में परिवर्तन के प्रभाव की तुलना में गौण रहा है। मार्च 2021 में जब महामारी दुनिया के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय थी, तब विशेषज्ञ पैनल ने जो निष्कर्ष प्रस्तुत किए थे, उनके गहन विश्लेषणों से पता चला है कि जलवायु परिस्थितियां वायरस के प्रसार में केवल एक छोटी सहायक भूमिका निभा सकती हैं।

  • डब्ल्यूएमओ ने दुनिया के अलग-अलग देशों से एकत्रित साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद किया खुलासा


वायु प्रदूषण संक्रमण बढ़ाने में सहायक
टास्क टीम के अध्यक्ष डॉ. बेन जैचिक ने कहा कि इन विश्लेषणों के निष्कर्ष काफी जटिल हैं और आने वाले वर्षों के दौरान इसकी जांच जारी रहेगी। अध्ययनों से यह स्पष्ट है कि शोधकर्ताओं ने इस बारे में बहुत कुछ सीखा है कि श्वसन वायरस के प्रसार की भविष्यवाणी करते समय पर्यावरणीय डेटा का उपयोग कैसे किया जा सकता है और कैसे नहीं। श्वसन संबंधी अन्य बीमारियों के अध्ययनों से पता चला है कि वायु प्रदूषण कोविड संक्रमण द्वारा फैलाए गए लक्षणों को बढ़ा सकता है। यह इतना घातक हो सकता है कि संक्रमण की चपेट में आए व्यक्ति की मृत्यु तक हो सकती है।

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