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Maharashtra: 'महायुति को सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं', किसानों की दुर्दशा, बेरोजगारी पर बरसे शरद पवार

Sat, 09 Nov 2024 07:28 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

 Maharashtra Vidhan Sabha Chunav 2024: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर तमाम राजनीतिक दल के नेताओं की तरफ से अपनी विपक्षी दलों पर कई तरह से आरोप लगाए जा रहे हैं। वहीं एनसीपी (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने राज्य में सत्ताधारी गठबंधन महायुति पर निशाना साधा है और किसानों की दुर्दशा और बेरोजगारी को लेकर कहा कि महायुति को सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है।
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शरद पवार। - फोटो : एएनआई (फाइल)
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को महाराष्ट्र की भाजपा नीत महायुति पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जिस गठबंधन को कृषि की समझ नहीं है और शिक्षित बेरोजगारों की चिंता नहीं है, उसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
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लातूर जिले के उदगीर में सरकार पर बरसे शरद पवार
लातूर जिले के उदगीर में विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के लिए एक अभियान रैली में उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों की उपेक्षा की जा रही है, जबकि प्रमुख परियोजनाओं को गुजरात की ओर मोड़ दिया जा रहा है। शरद पवार की पार्टी ने 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए अपने राजनीतिक रूप से अलग-थलग भतीजे और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अगुवाई वाली प्रतिद्वंद्वी एनसीपी के संजय बंसोडे के खिलाफ सुधाकर भालेरो को मैदान में उतारा है।

'महाराष्ट्र कभी सोयाबीन और कपास उत्पादन में था अग्रणी'
इस दौरान एनसीपी (सपा) प्रमुख ने कहा कि महाराष्ट्र कभी सोयाबीन और कपास उत्पादन में अग्रणी था, लेकिन भाजपा नीत केंद्र सरकार की तरफ से सोयाबीन डेरिवेटिव्स का आयात शुरू करने के बाद स्थानीय किसानों को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि इस नीति ने किसानों की रीढ़ तोड़ दी है। पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि चीनी, प्याज और सोयाबीन पर निर्यात प्रतिबंध राज्य में कृषि क्षेत्र को कमजोर कर रहा है। शरद पवार ने आगे कहा, केंद्र ने कृषि उत्पादों के आयात की भी अनुमति दे दी, जो स्थानीय स्तर पर प्राप्त किए जा सकते थे, जिससे महाराष्ट्र के सोयाबीन उत्पादकों को और नुकसान हुआ। किसानों के प्रति ऐसी अहितकर नीतियां सरकार की किसानों के प्रति उपेक्षा को उजागर करती हैं। इसलिए इन नेताओं को सत्ता में नहीं रहना चाहिए। 
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बढ़ते अपराध, महंगाई को लेकर की सरकार की आलोचना
उन्होंने बढ़ते अपराध, महंगाई और महिलाओं के खिलाफ अन्याय को लेकर भी महायुति सरकार की आलोचना की। उन्होंने पूछा, सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों की तरफ से पुलिस थानों में लोगों को खुलेआम हिंसा की धमकी देने जैसी घटनाएं कानून-व्यवस्था पर चिंता पैदा करती हैं। यह सरकार क्या कर रही है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र से उद्योग छीने जा रहे हैं और कारोबार गुजरात की ओर मोड़ा जा रहा है। 

क्या पीएम पूरे देश के हैं या सिर्फ एक राज्य के हैं? 
उन्होंने पूछा, क्या हमारे पास पूरे देश का प्रधानमंत्री है या सिर्फ एक राज्य का। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, जो कभी देश का अग्रणी राज्य था, अब बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों के खराब संचालन के कारण छठे स्थान पर आ गया है। उन्होंने लोगों से आगामी चुनावों में समझदारी से मतदान करने का आग्रह किया और उन्हें भ्रामक वादों से सावधान रहने को कहा। शरद पवार ने कहा कि वर्तमान सरकार ने ग्रामीण समुदायों के कल्याण के लिए कांग्रेस की तरफ से शुरू किए गए संपन्न उद्यमों को नष्ट कर दिया है। उन्होंने राज्य की तरफ से संचालित डेयरी परियोजनाओं और उदगीर में एक दूध पाउडर संयंत्र का उदाहरण दिया, जिसने किसानों को वैकल्पिक आय प्रदान की और वैश्विक प्रशंसा प्राप्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलों का समर्थन करने के बजाय, वर्तमान शासन ने उन्हें बंद कर दिया और उन्हें कबाड़ में बदल दिया।
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