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महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार के घटक दलों में मतभेद नहीं: उद्धव ठाकरे

Mon, 24 Feb 2020 06:19 PM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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उद्धव ठाकरे - फोटो : पीटीआई
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महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरने ने सोमवार को विपक्षी भाजपा के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि राज्य सरकार में शामिल दलों के बीच दरार आ गई है। उसके उलट उन्होंने दावा किया कि सहयोगी दलों में अच्छा समन्वय बना हुआ है।

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उन्होंने सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी सरकार के विधायकों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि बीते तीन महीनों में सहयोगी दलों के मध्य अच्छा तालमेल और सहयोग रहा है। इसके और मजबूत बनाने की आवश्यकता है।

बैठक में मौजूद एक विधायक के अनुसार उन्होंने कहा कि हाल ही में उनकी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात हुई और एक घंटे तक चली बातचीत में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। ठाकरे ने यह भी कहा कि वह राकांपा अध्यक्ष शरद पवार और कांग्रेस के संपर्क में रहते हैं इसलिए भाजपा के गठबंधन में दरार आने की बात भरोसे के लायक बिल्कुल भी नहीं हैं। 
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कांग्रेस विधायक रहे गैर हाजिर
बजट सत्र से पहले आयोजित पत्रकार सम्मेलन में कांग्रेस विधायकों की गैरहाजिरी से इस बात का संकेत मिला कि सरकार में शामिल दलों के बीच सब कुछ सही नहीं चल रहा है। हालांकि इस बैठक में राकांपा विधायक मौजूद थे। 

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राणे ने कहा था कि तीन दिन में गिरेगी सरकार

गौरतलब है कि  भाजपा नेता नारायण राणे ने कहा था कि राज्य सरकार केवल तीन दिनों की मेहमान है। ये तीनों दल केवल सत्ता और पद के लिए आपस में मिल गए हैं। इस पर शिवसेना ने कठोर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राणे को अपनी ही किस्मत का पता नहीं है तो ऐसे में दूसरों की किस्मत क्या बताएंगे। इससे पहले भाजपा नेता और पूर्व सीएम फडणवीस ने सरकार प व्यंग्य करते हुए कहा था कि ये दल आपस में तो बात  करते नहीं, विपक्ष से क्या बात करेंगे।
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भीमा कोरेगांव झूठा केस: नवाब मलिक 

महाराष्ट्र कैबिनेट मंत्री और राकांपा नेता नवाब मलिक ने सोमवार को कहा कि भीमा कोरेगांव की हिंसा को बाकायदा योजना बना कर किया गया था। उन्होंने कहा कि मनोहर भिडे और मिलिंद एकबोटे इसके मुख्य दोषी हैं। उस समय की सरकार ने इन्हें संरक्षण दिया।

निश्चित तौर पर एक न्यायिक जांच होगी और रिपोर्ट आएगी। तब सरकार इस हिंसा के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि उस समय की सरकार ने एक झूठा केस बनाया और पूरे पुलिस विभाग ने पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर गलत काम किया।

राकांपा नेता ने कहा कि मामले में पोल खुल जाने के डर से केंद्र ने मामले को एनआईए को ट्रांसफर कर दिया लेकिन राज्य को अधिकार है कि वह मामले की जांच करे। निश्चित तौर पर यलगार परिषद केस की जांच राज्य की एजेंसी करेगी। 
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