फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sharmistha Panoli: कलकत्ता हाईकोर्ट से शर्मिष्ठा को राहत नहीं, कहा- दूसरों की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचा सकते

Tue, 03 Jun 2025 03:12 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

पुणे की कानून की छात्रा शर्मिष्ठा पनोली को एक विशेष धर्म को निशाना बनाकर की गई अपमानजनक टिप्पणी के आरोप में कोलकाता पुलिस ने गुरुवार रात गुरुग्राम से गिरफ्तार किया था। उसे ट्रायल कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। शर्मिष्ठा ने इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया था। 

विज्ञापन
कलकत्ता हाईकोर्ट - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सोशल मीडिया पर अपनी टिप्पणियों के जरिए कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार पुणे की लॉ छात्रा शर्मिष्ठा पनोली को कलकत्ता हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि बोलने की स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं है कि आप दूसरों की भावनाओं को ठेस पहुंचाएं। कोर्ट ने पांच जून को अगली सुनवाई में राज्य सरकार को केस डायरी पेश करने का निर्देश दिया।
विज्ञापन


कानून की छात्रा शर्मिष्ठा पनोली ने ट्रायल कोर्ट की ओर पारित रिमांड आदेश के चुनौती देते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस पार्थ सारथी चटर्जी ने कहा कि ऐसा हमने सुना है कि वीडियो सोशल मीडिया पर बनाया गया था। हमारे पास बोलने की स्वतंत्रता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप दूसरों की भावनाओं को ठेस पहुंचाएं।

ये भी पढ़ें: 'पाकिस्तान से राज्य प्रायोजित आतंकवाद को रोकना ही ऑपरेशन सिंदूर का मकसद', सीडीएस जनरल चौहान की दो टूक
विज्ञापन


न्यायाधीश ने कहा कि हमारा देश विविधताओं से भरा है और यहां सभी लोग अलग-अलग जाति और धर्म से हैं। हमें यह कहते हुए सावधान रहना चाहिए। पीठ ने निर्देश दिया कि गार्डन रीच पुलिस थाने के पनोली के गिरफ्तारी से जुड़े मामले की जांच की जाएगी। अन्य सभी मुकदमों पर कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक रहेगी। राज्य यह सुनिश्चित करेगा कि पनोली की कथित कार्रवाई पर आगे कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई पांच जून के लिए तय की। 

सुनवाई के दौरान शर्मिष्ठा के वकील ने कहा कि उसकी गिरफ्तारी अवैध थी। क्योंकि एफआईआर में बताए गए सभी अपराध गैर संज्ञेय थे। उनको गिरफ्तारी से पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया। जबकि यह नए कानून के तहत जरूरी है। वकील ने दावा किया कि पनोली के परिवार ने भी पुलिस में शिकायत की थी कि वह खतरे में है और कथित आपत्तिजनक पोस्ट को 7 मई की रात को पोस्ट करने के बाद 8 मई को सोशल मीडिया से हटा दिया गया था। उन्होंने पनोली के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की प्रार्थना की तथा उन्हें जमानत देने की मांग की। 

इस पर राज्य सरकार के वकील ने कहा कि नोटिस जारी किया गया था, लेकिन पनोली और उनका परिवार गुरुग्राम भाग गया था।  इस वजह से कानूनी नोटिस देने के कई प्रयास विफल रहे। इसके बाद एक अदालत ने गिरफ्तारी का वारंट भी जारी किया, जिसके आधार पर उसे गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया। मामले की उचित जांच की गई और इस बाबत कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया।

ये भी पढ़ें: नए प्रदेश अध्यक्ष गोगोई को बधाई देने की होड़, सम्मान समारोह में मची अफरातफरी, रोकना पड़ा कार्यक्रम
विज्ञापन


कोलकाता पुलिस ने पनोली को गुरुग्राम से किया गिरफ्तार
कोलकाता पुलिस ने बीते शुक्रवार रात को हरियाणा के गुरुग्राम से शर्मिष्ठा पनोली को कथित तौर पर सांप्रदायिक टिप्पणियों वाला एक वीडियो अपलोड करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। वीडियो में कहा गया था कि बॉलीवुड अभिनेता ऑपरेशन सिंदूर पर चुप हैं। शनिवार को कोलकाता की एक अदालत ने पनोली को 13 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। 

विवाद के बाद पनोली ने सोशल मीडिया पर बिना शर्त माफी मांगी और अपने वीडियो और पोस्ट हटा दिए। छात्रा ने 15 मई को 'एक्स' पर लिखा, 'मैं बिना शर्त माफी मांगती हूं। जो कुछ भी लिखा, वह मेरी व्यक्तिगत भावनाएं हैं और मैंने कभी जानबूझकर किसी को ठेस नहीं पहुंचाई, इसलिए अगर किसी को ठेस पहुंची है तो मुझे इसके लिए खेद है। मुझे सहयोग की उम्मीद है। अब से मैं अपने सार्वजनिक पोस्ट में सावधानी बरतूंगी। फिर से कृपया मेरी माफी स्वीकार करें।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें