विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह
- फोटो : amar ujala
विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने बुधवार को कहा कि अपहर्ताओं से पादरी टॉम उझुन्नैल को छुड़वाने के लिए कोई फिरौती नहीं दी गई। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विदेश मंत्रालय बिना शोर मचाए चुपचाप काम करता है और उसे पूरा करता है।
उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें छुड़ाने के लिये फिरौती दी गई तो उन्होंने इससे इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘जब यमन में उनको अगवा किया गया तो काफी आलोचना की गई थी। हमें खुशी है कि वो सुरक्षित वापस आ गए हैं। हमें विश्वास है कि लोग इस बात को मानेंगे कि हम उन्हें लाने में सफल रहे।’
पढ़ें- एक साल से IS की कैद में फंसे भारतीय पादरी पहुंचे वेटिकन सिटी, विदेश मंत्री ने जताई खुशी
उन्होंने ओमान की भूमिका पर पूछे गए सवाल पर कहा कि उन्हें वापस लाने के लिए कई स्तर और प्रक्रियाएं अपनाई गई थीं। उन्होंने कहा कि अगर सीधी प्रक्रिया फिल होती है और परिणाम नहीं निकलता तो कई दूसरी प्रक्रियाएं भी अपनाई जाती हैं।
लक्ष्य यह होता है कि काम हो जाए। उन्होंने कहा कि वो इस समय वेटिकन गए हैं और यह उन पर है कि वो भारत कब तक आते हैं। गौरतलब है कि यमन के अदन स्थित एक वृद्धाश्रम से इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने 6 मार्च, 2016 में केरल के फादर टॉम को अगवा कर लिया था।