बता दें कि केरल सरकार ने शहरी इलाकों में रेस्टोरेंट, शहर में बस परिचालन और एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) उद्योगों के संचालन को अनुमति दी थी। लेकिन गृह मंत्रालय द्वारा सोमवार को इस मामले में आपत्ति जताए जाने के बाद यह छूट वापस ले ली गई।
राज्यपाल ने राज्य में कोरोना वायरस के प्रसार पर रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के प्रयासों पर भी बात की। उन्होंने कहा, मुझे इस जानलेवा बीमारी के प्रसार के खिलाफ सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की लगातार जानकारी मिलती रहती है।
उन्होंने कहा, 'मैं न केवल सरकार के मापदंडों से संतुष्ट हूं बल्कि उनके प्रदर्शन से बहुत खुश हूं।' पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि जब राज्य द्वारा दी गई कुछ राहतों पर केंद्र ने आपत्ति जताई तो मुख्यमंत्री ने उन फैसलों को तुरंत वापस ले लिया।
'इसे लेकर अब कोई समस्या नहीं है। वे (राज्य सरकार) केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं।' बता दें कि केरल में कोरोना के कुल 438 मामले आए हैं जिनमें 323 ठीक हो चुके हैं। राज्य में कोरोना की वजह से दो लोगों की मौत हुई है।
केरल सरकार को सोमवार को लिखे गए एक पत्र में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लिखा है कि राज्य सरकार ने 17 अप्रैल को संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए जिनमें ऐसी राहतें प्रदान की गई थीं जो 15 अप्रैल को जारी केंद्र सरकार के संशोधित दिशा-निर्देशों में प्रतिबंधित थीं।
इन राहतों में स्थानीय वर्कशॉप, नाई की दुकानें, रेस्टोरेंट, किताबों की दुकानें, नगरीय इलाके में एमएसएमई उद्योग, शहर में छोटी दूरी के लिए बस यात्रा, चार पहिया वाहन में पीछे की सीट पर दो लोगों को और दो पहिया वाहन पर दो लोगों को बैठने की अनुमति दी गई थी।