बिना पुख्ता सबूत पेश किए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाने वाले एक गैर सरकारी संगठन की सुप्रीम कोर्ट ने जमकर खिंचाई की है।
न्यायमूर्ति जेएस खेहड़ और न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा की पीठ ने याचिकाकर्ता संगठन कॉमन काउज की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण से कहा हमारे लिए बहुत असहज सी स्थिति हो जाती है। हमने कहा था कि कोई पुख्ता प्रमाण पेश किया जाए, हम जरूर कार्रवाई करेंगे।
पीठ ने कहा कि अगर इस तरह का आरोप लगाएंगे तो उच्च संवैधानिक पदों पर आसीन लोग कैसे काम करेंगे। वहीं प्रशांत भूषण ने बिरला और सहारा समूह के अधिकारियों के ईमेल का हवाला देते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, उन्हें रिश्वत दी गई थी। इसके अलावा अन्य लोगों को भी रिश्वत दी गई थी।