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आरक्षण पर किसी बहस की जरूरत नहीं, यह कमजोर वर्गों का संवैधानिक अधिकार: पासवान

Tue, 20 Aug 2019 06:50 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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राम विलास पासवान (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
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भाजपा के सहयोगी और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने मंगलवार को कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर किसी भी ‘बहस’ की जरूरत नहीं है और यह समाज के कमजोर वर्गों का संवैधानिक अधिकार है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि जो आरक्षण के समर्थन में हैं और जो विरोध में हैं, उनके बीच सौहार्दपूर्ण माहौल में चर्चा होनी चाहिए।

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उनके इस बयान के बाद लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष की यह प्रतिक्रिया आई है। पासवान ने कहा कि आरक्षण संवैधानिक अधिकार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार दोहराया है कि इसमें छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, आरक्षण पर किसी तरह की बहस की जरूरत नहीं है। यह अब ऊंची जातियों के गरीबों के लिए भी उपलब्ध है इसलिए यह असंभव है कि इसे समाप्त कर दिया जाएगा। पासवान ने हालांकि भागवत के बयान पर सीधे प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की और कहा कि उन्हें उनके (भागवत) बयान की विस्तृत जानकारी नहीं है।
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उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। पासवान ने कहा, ‘विपक्षी दल विवाद को तूल देने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन मेरा मानना है कि उनके झूठ पर लोग विश्वास नहीं करेंगे।’ 


आरक्षण पर किसी भी बहस की जरूरत नहीं, यह बना रहेगा

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मंगलवार को देश में आरक्षण पर बहस की जरूरत को खारिज कर दिया और कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार को दलित विरोधी नहीं समझा जाना चाहिए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा रविवार को दिए गए बयान पर टिप्पणी करते हुए केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ने कहा कि आरक्षण संविधान द्वारा प्रदान किया गया है और कोई भी समाज के पिछड़े वर्ग से इसे ले नहीं सकता।

उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘मोहन भागवतजी ने जो कुछ कहा था, उस पर आरएसएस ने सफाई दे दी है। मैं इस देश के दलितों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि आरक्षण के मुद्दे पर किसी बहस या पुनर्विचार का प्रश्न ही नहीं उठता।’ उन्होंने कहा, यह संवैधानिक अधिकार है और कोई दलितों से यह नहीं ले सकता। नरेंद्र मोदी सरकार को दलित विरोधी नहीं समझा जाना चाहिए।

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