आईसीएमआर की नई गाइडलाइन के मुताबिक, अगर रैपिड एंटीजन में कोई व्यक्ति कोरोना निगेटिव आता है, लेकिन उसमें कोरोना के लक्षण दिख रहे हैं, तो उसे कोरोना का आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना चाहिए।
आईसीएमआर ने क्यों जारी की नई गाइडलाइन?
देश में कोरोना मरीजों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि जारी है। देश में अभी कुल 2,506 लैब हैं, जहां टेस्ट किए जा रहे हैं। नई गाइडलाइन जारी करने के पीछे का उद्देश्य यह है कि लोग बिना वजह टेस्ट न कराए, जिससे की लैब पर बोझ नहीं बढ़ेगा। आईसीएमआर ने कहा कि मौजूदा वक्त में लैब में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों के संक्रमित होने की वजह से दबाव ज्यादा बढ़ गया है। ऐसे में टेस्टिंग के टारगेट को पूरा करने में मुश्किलें आ रहीं हैं। इस स्थिति को देखते हुए आरटी-पीसीआर सिर्फ वे ही लोग कराएं, जिन्हें जरूरत हो।
एंटीजन टेस्टिंग कराने की सिफारिश की
आईसीएमआर ने नई गाइडलाइन में एंटीजन टेस्ट बढ़ाने की सिफारिश की है। आईसीएमआर ने कहा कि हर सरकारी और निजी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटीजन टेस्ट करने की अनुमति दी जा सकती है। शहर से लेकर गांव तक एंटीजन टेस्ट बूथ खोले जा सकते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच की जा सके। आईसीएमआर ने लोगों से बेवजह यात्रा करने से बचने और जरूरी यात्रा के दौरान कोविड प्रॉटोकॉल का पालन करने की भी अपील की है।