कर्नाटक के कुलबुर्गी में पुलिस ने अस्पताल से चोरी हुए नवजात को 30 घंटे में ही ढूंढ निकाला। पुलिस आयुक्त शरणप्पा ने बताया हमें पता था कि हमें समय के खिलाफ दौड़ लगानी होगी। हमने सीसीटीवी फुटेज एकत्र किया और पाया कि दोनों महिलाएं एक ऑटोरिक्शा में बैठकर कहीं जा रही थीं
कर्नाटका के कुलबुर्गी शहर में पुलिस की एक अनोखी पहल सामने आई है। जिसके तहत पुलिस ने अस्पताल से चोरी हुए नवजात को 30 घंटो के भीतर ही ढूंढ़ निकाला। पुलिस का ये काम देखकर नवजात के परिवार के में खुशी की एक लहर दौड़ पड़ी। परिवार वालों ने पुलिस के पैर छूकर धन्यवाद व्यक्त किया।
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बता दें कि परिवार पुलिस के प्रति ये प्रेम तब सामने आया, जब एक नवजात को गुलबर्गा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (जीआईएमएस) अस्पताल में जन्म के कुछ ही घंटों बाद चुरा लिया गया था और 50,000 रुपये में बेच दिया गया था।
कलबुर्गी पुलिस का आश्वासन
मामले के प्रकाश में आते ही कलबुर्गी पुलिस हैरान रह गई। इसके साथ ही कलबुर्गी पुलिस ने परिवार को आश्वासन दिया था कि वे 48 घंटों के भीतर बच्चे को ढूंढ निकालेंगे। जब पुलिस आयुक्त एसडी शरणप्पा की टीम ने बच्चे को कस्तूरी की गोद में सौंपा तो वह और उनका परिवार ने पुलिस को आभार व्यक्त किया। इतना ही नहीं नवजात की मां कस्तूरी ने तो ये भी कहा कि, वे हमारे लिए भगवान से कम नहीं हैं।
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बताया जा रहा है कि बच्चे की चोरी होने की खबर जानकर परिवार पूरी तरह से टूट चुका था। दुख की बात तो ये थी कि मां आर कस्तूरी ने अपने बच्चे को स्तनपान भी नहीं करा पाई थी। जिसको लेकर मां ने आंसू बहाते हुए कहा कि हम सदमे में थे, हम समझ नहीं पा रहे थे कि क्या हुआ था। मेरा बच्चा चला गया था और मैंने उसे मुश्किल से पाया था।
नर्स की वर्दी में आई थी आरोपी
जानकारी के अनुसार ये घटना सोमवार दोपहर की बताई जा रही है। जहां गुलबर्गा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (जीआईएमएस) अस्पताल में जब दो महिलाएं जो नर्स की वर्दी में आई और नवजात बच्चे का अपहरण कर लिया।
पुलिस आयुक्त का बयान
वहीं इस मामले में पुलिस आयुक्त शरणप्पा ने बताया हमें पता था कि हमें समय के खिलाफ दौड़ लगानी होगी। हमने सीसीटीवी फुटेज एकत्र किया और पाया कि दोनों महिलाएं एक ऑटोरिक्शा में बैठकर कहीं जा रही थीं, लेकिन कुछ दूरी तय करने के बाद वे उतर गईं और गायब हो गईं। फिर हम और कुछ नहीं समझ पाए।