विमानों को बम की धमकियां मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार और डीजीसीए की तमाम सख्ती और नियमों के बाद भी सोशल मीडिया के जरिये धमकियां मिल रही हैं। इस बीच, सामने आया है कि धमकी देने वालों का पता लगाने में जुटी सुरक्षा एजेंसियों की कोशिशें बेकार साबित हो रही हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी है कि साइबर विशेषज्ञों की मदद से कई टीमें अभी भी इस मामले में काम कर रही हैं, लेकिन उन्हें मामले में कोई सफलता नहीं मिली है।
धमकी देने के लिए हुआ वीपीएन का इस्तेमाल
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस बात की तो पुष्टि हो गई है कि वीपीएन का इस्तेमाल धमकियां भेजने के लिए किया गया है। जिन सोशल मीडिया एकाउंट से धमकी वाले पोस्ट किए जा रहे हैं, हम उन खातों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रख रहे हैं।
प्रमुख हवाई अड्डों पर एनआईए ने बीटीएसी टीम की तैनात
शुरुआती जांच में पता चला कि ये खतरे यूरोपीय देशों से सामने आ रहे हैं, लेकिन बाद में जब आईपी एड्रेस को ट्रेस करने की कोशिश की गई तो पता चला कि वे आईपी एड्रेस बेकार हो चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत एनआईए ने प्रमुख हवाई अड्डों पर एक बम खतरा आकलन समिति (बीटीएसी) टीम तैनात की है।
अधिकारी ने कहा कि हमने मामले में सहयोग मांगने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधियों की एक बैठक बुलाई है। इसके अलावा, त्योहार के क्रम में भीड़ के कारण एहतियाती कदम के तौर पर सभी संवेदनशील हवाई अड्डों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
गौरतलब है कि पिछले 15 दिनों में 400 से ज्यादा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बम विस्फोट की धमकियां मिल चुकी है। ज्यादातर धमकियां सोशल मीडिया के जरिये दी गईं। हालांकि सभी फर्जी निकली हैं।
बीते सोमवार को भी एयर इंडिया और इंडिगो की 21-21 उड़ानों और विस्तारा की 20 उड़ानों में बम की धमकी मिली। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि उनकी ज्यादातर उड़ानों को बम की धमकी सोशल मीडिया पर मिली। धमकी मिलने पर निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत संबंधित अधिकारियों और विभागों को अलर्ट किया गया। नियामक प्राधिकरण के दिशानिर्देशों के अनुसार सुरक्षा संबंधी जांच पड़ताल की गई।