म्यांमार की सेना की ओर से भारत के साथ लगती सीमा पर विद्रोही शिविर पर कथित तौर पर बमबारी करने के दो दिन बाद असम राइफल्स (एआर) ने गुरुवार को बड़ा दावा किया। असम राइफल्स ने बताया कि हवाई हमलों के दौरान मिजोरम की तरफ कोई विस्फोट नहीं हुआ था। दरअसल, कुछ स्थानीय नेताओं ने दावा किया था कि एक गोला मिजोरम के चम्फाई जिले में गिरा था।
भारत-म्यांमार सीमा की रक्षा करने वाले एआर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पड़ोसी देश में कई विस्फोट हुए थे। मामले के गहन सत्यापन के बाद ही इसमें आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा। चम्फाई के उपायुक्त जेम्स लालरिंचन ने बताया कि मैंने कुछ स्थानीय लोगों द्वारा किए जा रहे दावों की पुष्टि के लिए संबंधित क्षेत्र के एक मजिस्ट्रेट को भेजा है। मामले में आधिकारिक रिपोर्ट जल्द ही आने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि सत्यापन होने के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि एक बम मिजोरम की तरफ तियाउ नदी के पास गिरा था। विस्फोट में ग्राम सभा के एक सदस्य का एक ट्रक क्षतिग्रस्त हुआ है। वहीं, मिजोरम में सीएनए के एक नेता ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि हमले में दो महिलाओं सहित पांच लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए।