मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बृहस्पतिवार को कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के विलय पर अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया। निशंक ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि प्रस्ताव के तहत भारतीय उच्च शिक्षा आयोग को एआईसीटीई की जगह विश्वविद्यालयों के शैक्षिक मामलों की जिम्मेदारी सौंपी जानी थी, जबकि मानव संसाधन विकास मंत्रालय को अनुदान जारी करने की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन विभिन्न छात्र समूहों ने इसका विरोध किया था। एआईसीटीई मूल रूप से इंजीनियरिंग, फार्मा, मैनेजमेंट और अन्य तकनीकी संस्थाओं के नियामक के तौर पर काम करता है। यूजीसी के जिम्मे देश भर के विश्वविद्यालय आते हैं।