तमिलनाडु में कांग्रेस ने डीएमके के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था। वहीं, चुनावी नतीजों के सामने आने के बाद कांग्रेस ने विजय की पार्टी को तत्काल समर्थन देने का एलान कर दिया। इसी के चलते डीएमके और कांग्रेस के बीच तकरार देखी जा रही है।
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने शनिवार को इस बात पर जोर दिया कि विपक्षी इंडिया गठबंधन में कोई दरार नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा तमिलनाडु में विजय के नेतृत्व वाली टीवीके को सरकार गठन के लिए समर्थन देने और इसी राज्य में विधानसभा चुनावों में द्रमुक के साथ साझेदारी में चुनाव लड़ने के बावजूद पूरा गठबंधन एकजुट है। राउत ने विश्वास व्यक्त किया कि इंडिया गठबंधन आगामी लोकसभा चुनावों में मिलकर लड़ेगा।
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संजय राउत ने कहा कि तमिलनाडु के लोगों ने पहली बार विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) को 234-सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटों के साथ जनादेश दिया है। इस दक्षिणी राज्य के चुनाव परिणाम चार मई को घोषित किए गए थे। जब उनसे इंडिया गठबंधन में दरार के बारे में पूछा गया, तो राउत ने स्पष्ट रूप से 'नहीं' कहा।
कांग्रेस के टीवीके को समर्थन देने पर क्या बोले राउत?
शिवसेना नेता ने यह भी बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने टीवीके का समर्थन करने का निर्णय लेने से पहले द्रमुक प्रमुख एम.के. स्टालिन से बात की थी। राउत के अनुसार, "उस जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए। सभी का रुख यह है कि एनडीए को सत्ता से दूर रखा जाए।"
इस बीच द्रमुक नेता कनिमोझी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को बदलती राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए अपने सांसदों के लिए सीटिंग व्यवस्था में बदलाव का अनुरोध करते हुए एक पत्र लिखा है। द्रमुक ने शुक्रवार को लोकसभा में अपने सांसदों के लिए सीटिंग व्यवस्था में बदलाव की मांग की थी, यह कहते हुए कि कांग्रेस के साथ उनका गठबंधन समाप्त हो गया है और उनके सदस्यों के लिए कांग्रेस के सदस्यों के साथ बैठना उचित नहीं होगा।
साथ लड़ेंगे लोकसभा चुनाव :संजय राउत
पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने कहा कि विपक्षी गठबंधन में कोई दरार नहीं है और उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि "हम लोकसभा चुनावों के लिए एक साथ रहेंगे।" उन्होंने याद दिलाया कि द्रमुक कई वर्षों से कांग्रेस की सहयोगी रही है और इससे पहले द्रमुक भाजपा के साथ भी रह चुकी है।
राउत ने कहा, "द्रमुक का रुख उनके राजनीतिक अस्तित्व के लिए है। हम लोकसभा चुनावों के लिए एक साथ रहेंगे।" शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद ने इस बात पर जोर दिया कि गठबंधन की एकजुटता बरकरार है और भविष्य में भी बनी रहेगी।