कांग्रेस ने गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज में लगातार हो रही बच्चों की मौत पर योगी सरकार समेत केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। सांसद और यूपी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर का कहना है कि भाजपा के न्यू इंडिया में जान की कीमत नहीं है। बहुमत लाओ और जान ले जाओ।
योगी सरकार ने पूर्व में हुई बच्चों की मौत से कोई सबक नहीं लिया है। सांसद प्रमोद तिवारी का कहना है कि इतने बुरे हालात तब ऐसे हैं जब पूरी सरकार विपक्ष और मीडिया का फोकस गोरखपुर पर है।
राजबब्बर का कहना है कि मुख्यमंत्री का बयान कि ऐसा न हो लोग अपने बच्चे जैसे ही दो साल के हों सरकार के भरोसे छोड़ दें सरकार पालन-पोषण करे ये कहना घिनौनी बात है। राजबब्बर ने आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि योगी जी के गोरखपुर में पांच सौ बिस्तर के अस्पताल के आगे बीआरडी की साख को समाप्त किया जा रहा है।
राजबब्बर ने कहा कि पिछले दिनों इतने बच्चों की मौत के बाद भी बीआरडी में इलाज नहीं हो रहा है। बल्कि वहां के डाक्टर योगी सरकार के चहेतों को बचाने और लीपापोती में जुटे हैं। मोदी सरकार और उनकी पार्टी की सरकारों में देश के भविष्य को मौत के घाट उतारा जा रहा है। योगी राज में यूपी रोगी बन गया है।
प्रमोद तिवारी ने बताया कि बीआरडी में 48 घंटे में 42 बच्चों की मौत हो चुकी है। अकेले गोरखपुर को देखकर पूरी यूपी की व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सरकार का पूरा फोकस है।
बच्चों की मौत पर सीएम का बयान गैरजिम्मेदाराना और अमानवीय है। सीएम अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ सकते हैं। उनका संवैधानिक दायित्व है बनता है लोग टैक्स देते हैं सरकार अहसान नहीं कर रही है उसका कर्तव्य है।
कांग्रेस ने सीएम योगी के इस्तीफे की मांग एक बार फिर की है। हालांकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस्तीफा होता है भाजपा में तानाशाही है। न इस्तीफे की पंरपरा है न फैशन अगर ऐसा न होता उपद्रव लोगों की मौत के बाद हरियाणा, यूपी में बच्चों की मौत पर योगी, मध्यप्रदेश में व्यापम और राजस्थान में ललित मोदी के मामले में वहां की मुख्यमंत्री का इस्तीफा लिया जाता।