कोलकाता एयरपोर्ट पर जांच से गुजरती चीनी यात्री
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चीन में कोरोनावायरस जैसे नए विषाणु की चपेट में आने से मरने वालों की संख्सा बढ़कर बुधवार को 17 हो गई और अब तक वहां इसके करीब 440 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, अमेरिका ने भी अपने यहां सिएटल में इससे संबंधित पहला मामला सामने आने की घोषणा की है। लेकिन भारत के लिए अच्छी खबर है।
भारत अभी तक कोरोनावायरस से पूरी तरह सुरक्षित है। मंगलवार को दुनियाभर से भारत आईं 47 फ्लाइटों के 9156 यात्रियों की जांच की गई। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सचिव प्रीति सूदन ने बुधवार को कहा कि दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता सहित सात हवाई अड्डों पर यात्रियों की जांच की गई जिनमें किसी भी यात्री के शरीर में यह वायरस नहीं पाया गया।
प्रीति सूदन ने आगे कहा कि चीन में भारतीय दूतावास नियमित रूप से स्वास्थ्य मंत्रालय को उस देश में संक्रमित मामलों की स्थिति के बारे में लगातार अपडेट कर रहा है। दूतावास ने जानकारी दी है कि चीन में कोरोनावायरस के साथ निमोनिया के कुल 440 मामलों की पुष्टि हुई थी और बुधवार तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। चीन के 14 प्रांतों (ताइवान समेत) में यह मामले दर्ज किए गए हैं।
चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के उपमंत्री ली बिन ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कोरोनावायरस श्वसन तंत्र के जरिए फैलता है और इससे ‘वायरल म्यूटेशन’ होने तथा रोग के और फैलने की आंशका बनी है। इस बीच, अमेरिका ने देश में इस विषाणु के पहले मामले की पुष्टि कर दी है।
अमेरिका ने अपने यहां सिएटल में इससे संबंधित पहला मामला सामने आने की घोषणा की है। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आज बैठक बुलाई है।
अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि चीन में फैले नए वायरस से जुड़ा एक मामला सामने आया है। संघीय एवं राज्य अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित की उम्र 30 से 35 साल के बीच है और वह वुहान से अमेरिका आया है।