Manipur Crisis: मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद से भाजपा का दावा किया गया है कि मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं कांग्रेस की तरफ से केंद्र और पीएम मोदी पर निशाना साधा गया है। इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा, 'राष्ट्रपति शासन लागू करना, अपनी ही पार्टी की सरकार को निलंबित करना इस बात की सीधी स्वीकारोक्ति है कि आपने मणिपुर के लोगों को कैसे निराश किया है।'
मणिपुर में बीरेन सिंह के इस्तीफे के चार दिन बाद राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है। वहीं भाजपा की तरफ से दावा किया गया है कि, मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इंफाल में भाजपा नेता संबित पात्रा ने कहा, 'मणिपुर के राज्यपाल की रिपोर्ट के बाद भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मणिपुर विधानसभा को निलंबित कर दिया है, जिसका अर्थ है कि राज्य की विधानसभा को भविष्य में किसी भी समय बहाल किया जा सकता है, जब भारत के राष्ट्रपति राज्य की परिस्थितियों के आधार पर उचित समझें। जहां तक भाजपा का सवाल है हम राज्य में शांति के निरंतर प्रयासों के लिए प्रतिबद्ध हैं।
भाजपा कानून-व्यवस्था के लिए जिम्मेदार थी- खरगे
विज्ञापन
वहीं भाजपा और पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू करना केंद्र और राज्य में भाजपा सरकारों की विफलता की प्रत्यक्ष स्वीकारोक्ति है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वहां के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा- मणिपुर में एक संवैधानिक संकट है जिसके कारण राष्ट्रपति शासन लागू करना पड़ा। कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम मोदी से कहा- यह आपकी पार्टी है जो 11 वर्षों से केंद्र में शासन कर रही है। यह आपकी पार्टी है जो 8 वर्षों से मणिपुर पर शासन कर रही थी। यह भाजपा है जो राज्य में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार थी। यह आपकी सरकार है जो राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा गश्त के लिए जिम्मेदार है।
सीपीआई ने भी केंद्र पर बोला हमला
वहीं इस मामले पर सीपीआई नेता डी. राजा ने कहा, 'मणिपुर में राष्ट्रपति शासन इस बात की पुष्टि करता है कि मणिपुर की राज्य सरकार और केंद्र सरकार पूरी तरह विफल रही है... गृह मंत्रालय को सर्वदलीय बैठक बुलाकर मणिपुर समस्या के समाधान के लिए रोडमैप पर चर्चा करनी चाहिए। मणिपुर के राजनीतिक दलों और हितधारकों की बात इन्हें सुननी चाहिए।'
13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा
विज्ञापन
गुरुवार 13 फरवरी को संघर्षग्रस्त मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया और राज्य विधानसभा को निलंबित कर दिया गया, मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के अपने पद से इस्तीफा देने के कुछ दिनों बाद, जिससे पूर्वोत्तर राज्य में राजनीतिक अनिश्चितता पैदा हो गई। गृह मंत्रालय की तरफ से जारी एक अधिसूचना के अनुसार, मणिपुर विधानसभा, जिसका कार्यकाल 2027 तक है, को निलंबित कर दिया गया है। मणिपुर में भाजपा सरकार का नेतृत्व कर रहे एन बीरेन सिंह ने लगभग 21 महीने बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया कई महीनों से चल रही जातीय हिंसा में अब तक 250 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।