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राज्यसभा: 'बीते पांच वर्षों में दिवंगत नेताओं के स्मारकों के लिए नहीं किया वित्तीय आवंटन', सरकार ने दी जानकारी

Mon, 10 Feb 2025 09:36 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया कि पिछले पांच वर्षों में दिवंगत राजनेताओं के स्मारकों के लिए कोई वित्तीय आवंटन नहीं किया गया। हालांकि, सरकार ने कहा कि वह ट्रस्ट/सोसायटी को एकमुश्त अनुदान देने पर विचार कर सकती है।
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तोखन साहू - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने सोमवार को राज्यसभा को बताया कि बीते पांच वर्षों में देश दिवंगत राष्ट्रीय नेताओं के स्मारकों के निर्माण के लिए कोई वित्तीय आवंटन नहीं किया गया। हालांकि, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि सरकार स्मारकों के लिए गठित ट्रस्ट/सोसायटी को एकमुश्त अनुदान (फंड) देने पर विचार कर सकती है। लेकिन सरकार यह फैसला अलग-अलग मामलों के अलग-अलग आधार पर तय करेगी। 

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सांसद परिमल नाथवानी ने यह सवाल किया था कि पिछले पांच वर्षों में सरकार ने कितने स्मारकों को मंजूरी दी है, साथ ही उन स्मारकों के लिए जमीन आवंटन, स्थान और खर्च की जानकारी भी मांगी थी। इस सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा, पिछले पांच वर्षों में इस तरह का कोई आवंटन नहीं किया गया है। 

सांसद परिमल नाथवानी ने यह सवाल किया था कि पिछले पांच वर्षों में सरकार ने कितने स्मारकों को मंजूरी दी है, साथ ही उन स्मारकों के लिए भूमि आवंटन, स्थान और खर्च की जानकारी भी मांगी थी। यह जानकारी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के स्मारक के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया शुरू करने के बाद सामने आई है, जिनका निधन पिछले साल दिसंबर में हुआ था। 
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नाथवानी ने यह भी पूछा था कि क्या सरकार के पास राष्ट्रीय स्तर के दिवंगत राजनेताओं के स्मारक बनाने के लिए स्मारक भूमि आवंटन की कोई नीति है। साहू ने जवाब में कहा कि 17 जनवरी 2013 और 18 अक्तूबर 2014 के कैबिनेट के फैसलों में दिवंगत राष्ट्रीय नेताओं की श्रद्धांजलि सभा आयोजित करने के लिए कुछ प्रमुख दिशानिर्देश दिए गए हैं। इन दिशानिर्देशों के तहत सरकार के बंगलों को स्मारकों में बदलने या समाधि बनाने पर प्रतिबंध है। 

मंत्री ने यह भी कहा कि दिवंगत नेताओं की याद में बने ट्रस्ट या सोसायटी स्मारक या समाधि बना सकती हैं,लेकिन इसके लिए जमीन अधिग्रहण, विकास और रखरखाव के खर्चे की जिम्मेदारी उस ट्रस्ट या सोसायी की होगी। हालांकि मंत्री ने यह भी बताया कि सरकारक ऐसे ट्रस्ट या सोसायटी को दिशानिर्देश के अनुसार एकमुश्त अनुदान देने पर विचार कर सकती है।

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