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CSS: मंत्रालय की 7वीं मंजिल से छलांग लगाने वाले 'SO' के केस में नहीं हुई कार्रवाई, CSS अफसरों ने निकाला मार्च

Tue, 14 Oct 2025 07:37 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

 केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय में कार्यरत अनुभाग अधिकारी 'एसओ' ने सातवीं मंजिल से छलांग लगाकर सुसाइड करने का प्रयास किया था। पुलिस को दी गई शिकायत में मंत्रालय के दो वरिष्ठ अधिकारियों पर 'एसओ' को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। अब वह मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
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सीएसएस अफसरों ने किया विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संसद भवन के निकट शास्त्री भवन में स्थित केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय में कार्यरत अनुभाग अधिकारी 'एसओ' ने सातवीं मंजिल से छलांग लगाकर सुसाइड करने का प्रयास किया था। पुलिस को दी गई शिकायत में मंत्रालय के दो वरिष्ठ अधिकारियों पर 'एसओ' को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। अब वह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वजह, एक तरफ तो इस मामले में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही तो दूसरी ओर मंत्रालय में भी दोनों आरोपी अफसरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को केंद्रीय सचिवालय सेवा के अधिकारियों की एसोसिएशन 'सीएसएस फोरम' ने शांतिपूर्वक तरीके से रोष मार्च निकाला। सीएसएस अफसरों ने सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय के सचिव अमित यादव के कार्यालय के समक्ष शांतिपूर्ण धरना दिया। फोरम ने 'एसओ' दीपक खोड़ा के मामले में न्याय की गुहार लगाई है।    
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15 दिन बीतने के बाद दर्ज नहीं हुई एफआईआर 
सीएसएस फोरम के सदस्यों के मुताबिक, कार्यस्थल पर हुई उत्पीड़न की इस घटना के 15 दिन बीत जाने के बाद न तो एफआईआर दर्ज की गई, और न ही विभागीय कार्रवाई हुई है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) और सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय द्वारा इस मामले में आरोपी अफसरों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही। फोरम के सदस्यों ने इस सप्ताह सामाजिक न्याय मंत्री से भी मुलाकात की थी। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन तो दिया, मगर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस उदासीनता के विरोध में, केंद्रीय सचिवालय सेवा के अधिकारियों ने शास्त्री भवन में शांतिपूर्ण मार्च निकाला। अब तक इस गंभीर मामले में कोई दम नहीं उठाया गया। इसके चलते सीएसएस परिवार गहरी चिंता और असंतोष व्यक्त करता है। वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न अवसरों पर यह बात दोहराते हैं कि हर कार्यस्थल पर सम्मान, सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित होनी चाहिए, लेकिन एसओ दीपक के मामले में कार्रवाई नहीं की जा रही। सीएसएस फोरम ने  सरकार से पुनः आग्रह किया है कि इस प्रकरण में पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए, ताकि प्रशासनिक न्याय में विश्वास बहाल हो सके। 
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फोरम ने दो केंद्रीय मंत्रियों को लिखा था पत्र 
सीएसएस फोरम ने इस बाबत सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय के मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और डीओपीटी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को पत्र लिख कर इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोनों आरोपी, अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। दिल्ली पुलिस ने अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की है। पुलिस की तरफ से कहा गया है कि इस केस की जांच की जा रही है। पीड़ित दीपक खोड़ा ने कर्तव्य पथ पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराने के लिए शिकायत दी है। दीपक खोड़ा और उसके परिवार ने केंद्रीय सचिवालय सेवा के अधिकारियों की एसोसिएशन 'सीएसएस फोरम' को बताया है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने दीपक को प्रताड़ित किया है। उन्हीं के दबाव के चलते दीपक ने सातवीं मंजिल से कूद कर सुसाइड करने का प्रयास किया। सीएसएस फोरम ने इस बाबत सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय के मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और डीओपीटी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को लिखे पत्र में कहा कि दीपक द्वारा सुसाइड जैसा आत्मघाती कदम उठाए जाने के पीछे दो अधिकारी जिम्मेदार हैं। सीएसएस फोरम के मुताबिक, उन अधिकारियों में मंत्रालय के एडीशनल सेक्रेटरी कैरलीना खोंगवार देशमुख और डिप्टी सेक्रेटरी नरेंद्र सिंह शामिल हैं।

आरोपी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए 
फोरम ने सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय और डीओपीटी, दोनों मंत्रियों से इस मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर आरोपी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। भविष्य में इस तरह की घटना न हो, इसके लिए सभी मंत्रालयों में 'संवेदीकरण' प्रोग्राम और 'मेंटल हेल्थ स्पोर्ट सिस्टम' शुरु किया जाए। पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराने के लिए दीपक की तरफ से जो शिकायत दी गई है, उसमें कई तरह के आरोप लगाए गए हैं। दीपक, शास्त्री भवन स्थित 'सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय' के कमरा नंबर 624 में कार्यरत हैं। पुलिस को दी शिकायत में लिखा है कि दोनों अधिकारी कई महीनों से मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। इसके चलते दीपक, डिप्रेशन में आ गया। 
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सर्विस करियर खराब करने की धमकियां 
पुलिस को दी शिकायत में लिखा गया है कि दोनों अधिकारी, उसे धमकियां दे रहे थे कि उसका सर्विस करियर खराब कर दिया जाएगा। यह बात दीपक ने अपने परिजनों को भी बताई। 29 सितंबर को ड्यूटी के दौरान उसे फटकारा गया। इसके चलते वह उदास हो गया और उसने दिन में चार बजे शास्त्री भवन की सातवीं मंजिल की खिड़की से छलांग लगा दी। वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके लेफ्ट हैंड में चार जगह पर फ्रेक्चर आया है। शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोट लगी है। दीपक ने पुलिस को दी शिकायत में लिखा है कि उसे सुसाइड करने के लिए दोनों अधिकारियों ने मजबूर किया है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। 
 
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