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बढ़ती लापरवाही पर सख्ती: राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग की सलाह- गलतियों से सीखें डॉक्टर, दोहराएं नहीं

Fri, 07 Jun 2024 05:52 AM IST
दीपक कुमार शर्मा परीक्षित निर्भय

सार

राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) प्रवक्ता और नैतिकता व चिकित्सा पंजीकरण बोर्ड के सदस्य डॉ. योगेन्द्र मलिक ने बताया कि पिछले वर्ष अलग-अलग घटनाओं को उदाहरण के तौर पर पेश करते हुए डॉक्टरों को इलाज से पहले उन्हें सभी जरूरी पहलुओं के बारे में जानकारी देने के बारे में कहा गया है। एनएमसी ने कहा है कि मरीजों से निष्पक्ष और खुली बातचीत की जानी चाहिए।
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प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : istock
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विस्तार
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राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने देशभर के डॉक्टरों के लिए पेशेवर आचरण समीक्षा जारी की है, जिसमें उन्हें कानूनी मामलों में नैतिक अभ्यास के मानकों पर ध्यान देने की सलाह दी है। बढ़ती लापरवाही पर सख्त आयोग ने गलतियों से सीख लेते हुए उन्हें न दोहराने को कहा है।

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एनएमसी प्रवक्ता और नैतिकता व चिकित्सा पंजीकरण बोर्ड के सदस्य डॉ. योगेन्द्र मलिक ने बताया कि पिछले वर्ष अलग-अलग घटनाओं को उदाहरण के तौर पर पेश करते हुए डॉक्टरों को इलाज से पहले उन्हें सभी जरूरी पहलुओं के बारे में जानकारी देने के बारे में कहा गया है। एनएमसी ने कहा है कि मरीजों से निष्पक्ष और खुली बातचीत की जानी चाहिए। चिकित्सा नैतिकता पर जारी केस शृंखला में एनएमसी ने 10 अलग-अलग घटनाओं का उदाहरण देते हुए एनएमसी ने कहा, संतुलित तर्क और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए सभी डॉक्टरों की नैतिक सिद्धांतों पर पूरी तरह समझ होना जरूरी है, क्योंकि डॉक्टरों को अक्सर राज्य चिकित्सा परिषदों, जिला उपभोक्ता मंच, नागरिक और आपराधिक अदालतों, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सहित कई मंचों पर जांच का सामना करना पड़ता है। यहां चल रहे मामलों में तर्कपूर्ण और साक्ष्य-समर्थित विशेषज्ञ राय के लिए भी एक डॉक्टर की आवश्यकता पड़ती है। साथ ही चिकित्सा लापरवाही को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में न्यायिक मामले भी होते हैं, जिनमें से कुछ मामलों में लापरवाही साबित नहीं हुई। एजेंसी

इस बार कानूनी मामलों और नैतिक सिद्धांतों पर केस शृंखला जारी की है जो सभी वास्तविक जीवन से जुड़े हैं। डॉ. मलिक ने कहा कि कानूनी मामलों में डॉक्टरों की समझ बढ़ाने के लिए दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गोवा, महाराष्ट्र और हरियाणा और पंजाब में प्रशिक्षण कराए गए हैं। जल्द ही  अन्य राज्यों में भी इसका विस्तार होगा।

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