भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उत्तर प्रदेश चुनाव में भले ही सपा को अपना मुख्य प्रतिद्वंदी बताया हो लेकिन पार्टी छोटे दलों की चुनौतियों को भी गंभीरता से ले रही है। भाजपा ने सपा को मुकाबले में बताकर परदे के पीछे से बसपा के वोट बैंक में सेंध लगाने की रणनीति पर अमल शुरू कर दिया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चुनौती को भी गंभीरता से लेते हुए भाजपा ने रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
हांलाकि नीतीश अजित सिंह और अन्य 16 छोटे दलों को कांग्रेस के नेतृत्व में एकजुट करने के अभियान में अबतक सफल साबित नहीं हो सके हैं। लेकिन नीतीश का कांग्रेस से गठजोड़ तय है। इसके अलावा बसपा के पूर्व नेता बाबू लाल कुशवाहा भी नीतीश के साथ जा सकते हैं। भाजपा के विकास एजेंडे की हवा निकालने के लिए नीतणजनने उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बिहार पैकेज का सच बताने की योजना बनाई है।
विकास के एजेंडे की हवा निकालने के लिए व्यूहरचना
पीएम के गढ़ में नीतीश कुमार
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
जदयू सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने बिहार में मोदी के विशेष पैकेज के तहत पुरानी योजनाओं को नया बताने और राशि आवंटित नहीं करने का मामले को मुद्दा बनाने का निर्णय लिया है। नीतीश ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखे हैं। ताजा पत्र बुधवार को जेटली को भेजा गया है जिसमें विशेष सहायता योजना और पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष के तहत राशि आवंटित नहीं किए जाने की शिकायत की गई है। उत्तर प्रदेश चुनाव में मोदी के विकास एजेंडे की असलियत बताने के लिए इन पत्रों को आधार बनाया जाएगा।
भाजपा पूर्वी उप्र में नीतीश के मुकाबले के लिए बना रही रणनीति
बनारस में भाजपा अध्यक्ष अमित श्ााह।
भाजपा सार्वजनिक तौर पर नीतीश फैक्टर को अपने अनुकूल बता रही है लेकिन अंदरखाने पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुर्मी और कोयरी वोट बैंक पर नीतीश के प्रभाव को कम करने के लिए रणनीति बनाने में भी जुटी हुई है। इस वोट बैंक पर प्रभाव रखने वाले अपना दल से भाजपा का गठबंधन है लेकिन अपना दल के कृष्णा पटेल गुट अब नीतीश के ज्यादा करीब है। वाराणसी, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, इलाहाबाद के इलाके में इस वोट बैंक का असर रहा है। इस क्षेत्र में सौ से अधिक सीटें आती हैं। नतीजतन भाजपा ने पिछड़े वर्गों को संगठन में महत्व देनां शुरू कर दिया है। सलेमपुर, देवरिया, बलिया, गाजीपुर और आजमगढ़ में राजभर वोट बैंक पर भाजपा ने ध्यान केंद्रित किया है। भाजपा ने बसपा के वोट बैंक में सेंध के लिए बसपा के कुछ नेताओं से भी संपर्क किया है। बसपा के एक-दो नेता भाजपा में शामिल हो सकते हैं।