बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। पटना में आयोजित पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में नीतीश लालू और उनकी पार्टी आरजेडी पर नरम नजर आए, लेकिन कांग्रेस को जमकर खोरी-खोटी सुनाई। नीतीश ने कहा कि कांग्रेस ने पहले गांधी की विचारधारा को छोड़ा फिर नेहरू की नीतियों को भी तिलांजलि दी। उन्होंने नसीहत भरे लहजे में कहा हमको किसी से सीख लेने की जरूरत नहीं है।
नीतीश ने पीएम पद की रेस को लेकर पूछे गये सवाल पर कहा कि 'मैं 18-20 सांसदों के साथ कभी भी पीएम के पद का सपना नहीं देखता और न ही मैं पीएम की रेस में हूं।' उन्होंने कहा कि 'मैं अपने सिद्धांतों पर रहता हूं और मुझे किसी का पिछलग्गू बनना नहीं आता है। हां, मैं और मेरी पार्टी जेडीयू किसी की सहयोगी जरूर बन सकती है।'
नीतीश ने कहा कि हम सिद्धांतों की बात करते हैं तो उस पर चलते भी हैं। उन्होंने कहा कि 'मैं बिहार में ही राजनीति करूंगा और बिहार के विकास के लिए काम करूंगा।'
लालू की रैली पर सीएम नीतीश ने कहा कि अगर राजद की तरफ से न्योता मिला तो रैली में शामिल होंगे। आरजेडी की रैली में बोलने के सवाल पर नीतीश ने कहा कि उनकी की रैली पर जदयू नेताओ को बोलने की क्या जरूरत है। सब का अपना अपना कार्यक्रम होता है। राजद की रैली मजबूत होगी। हमें बुलावा आएगा तो उसमें जरूर जाएंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस रैली से जदयू को कोई मतलब नहीं है।
नीतीश ने कहा कि हम किसी के पिछलग्गू नहीं। जो होना होगा सो होगा। बीजेपी गाय की बात करती है। सड़क पर घूमने वाली गायों को वे क्यों नहीं रख लेते। यूपी की सड़कों पर बिहार से ज्यादा गाय हैं। सिद्धांत मैं नहीं आप (कांग्रेस) बदल रहे हैं। लोहिया जी ने कांग्रेस को 'सरकारी गांधीवादी' कहा था।