बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के इस्तीफा देने के बाद राज्य में अब अपनी सरकार के गठन को लेकर कसरत शुरू होगी। इसे जहां बिहार में हुए महागठबंधन का अंत माना जा रहा है, वहीं राज्य में नये राजनीतिक, सामाजिक समीकरण देखने को मिल सकते हैं।
राष्ट्रीय जनता दल सूत्रों के अनुसार लालू प्रसाद यादव ने भी काफी विमर्श के बाद सख्त रुख अपनाया है और राष्ट्रीय जनता दल जल्द ही राज्य विधानसभा की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का दावा कर सकता है।
फिलहाल नीतिश कुमार का यह कदम पार्टी के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव के लिए किसी सदमे से कम नहीं है। शरद यादव जहां महागठबंधन को बनाए रख पाने में सफल नहीं हो पाए वहीं कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों ने गठबंधन बचाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन एक तरफ जहां नीतिश कुमार अपनी छवि के आभा मंडल में फंसे रहे, वहीं लालू प्रसाद यादव भी झुकने के लिए तैयार नहीं थे। राजद सूत्रों का कहना है कि यह टसल राज्य में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद से ही चल रही थी। यदि यहां राजद कोई समझौता कर लेता तो आगे भी उसके सामने इसी तरह की स्थिति आती रहती।